रिपोर्ट: राणा प्रताप सिंह/ सत्यम दुबे
बलिया: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछल कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी दिन की शुरुआत होते ही एक मनहूस खबर सामने आई है। इन सब कोहराम के बीच बलिया जिला जेल के जेलर अन्जनी गुप्ता ने कैदियों के लिए कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए देसी जुगाड़ कर दिया।
जिला जेल प्रशासन के इस प्रयास से बंदी एवं जेल कर्मचारी कोविड-19 के संक्रमण से शारीरिक एवं मानसिक रूप से सुरक्षित एवं स्वस्थ्य हैं। उन्होने बताया कि जिला जेल के अंदर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हुए अतिरिक्त उपाय भी किए जा रहे हैं। अभी हाल ही में 70 बंदियों एवं 25 जेल कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया जिसमें सभी बंदी एवं जेल के कर्मचारी शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ पाए गए हैं।
उन्होने आगे बताया कि जेल के बंदियों एवं कर्मचारियों का रोज ऑक्सीजन लेवल, टेंपरेचर लेवल आदि चेक किया जाता है। किसी भी बंदी या कर्मचारी का ऑक्सीजन या टेंपरेचर लेवल सामान्य नहीं रहने पर उसे तुरंत क्वारंटाइन कर दिया जाता है। बंदियों एवं जेल के कर्मचारियों के शारीरिक एवं मानसिक फिटनेस के लिए रोज योगाभ्यास कराया जा रहा है। बंदियों एवं कर्मचारियों को आयुर्वेदिक काढ़ा, होम्योपैथिक दवाएं एवं एलोपैथिक दवाओं आदि के साथ-साथ जुगाड़ भाप का सेवन कराया जा रहा है कि जेल के अंदर कोरोना वायरस फटक नहीं सके।
इसकी प्रशंसा उत्तर प्रदेश जेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों एवं अन्य लोगों द्वारा भी की गई है। बंदियों से मिलने वाले बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिना निगेटिव टेस्ट के किसी भी नए बंदी या ड्यूटीरत कर्मचारियों का प्रवेश पूर्ण रूप से वर्जित है। बंदियों के सामान को मुख्य द्वार के नजदीक ही 24 घंटे के लिए रख दिया जाता है। उसके बाद सैनिटाइज करके अंदर भेजा जाता है। पूरे जेल कंपाउंड में साफ-सफाई एवं बार-बार सैनिटाइजेशन कराकर संक्रमण को रोकने के लिए अधिकाधिक प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि जेल के अंदर सभी बंदी एवं कर्मचारी कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त रहें।