अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस साल के आखिरी तक अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के हटाने के फैसले पर यूएस अधिकारियों ने नया खुलासा किया है।
यूएस अधकारियों ने कहा कि उन्हें इस योजना के बारे में जानकारी नहीं है और उन्हें अभी तक अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को हटाने के आदेश नहीं दिए गए हैं।
इस साल अफगानिस्तान में अमेरिकी हमले के 19 साल पूरे होने के मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अफगानिस्तान में बचे हुए सभी सैनिक क्रिसमस तक अमेरिका वापस आ जाएंगे।
अफगानिस्तान में तालिबान के साथ लड़ाई के दौरान अब तक 2400 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है जबकि कई हजार सैनिक बुरी तरह घायल हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट करके कहा था कि फिलहाल अफगानिस्तान में बहुत कम संख्या में सैनिक तैनात हैं और अमेरिकी लोगों को यह अपेक्षा करनी चाहिए कि 25 दिसंबर तक बाकी बचे सैनिक देश वापस आ जाएंगे।
उन्होंने कहा था कि इसी साल 29 फरवरी को तालिबान के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिका ने अफगानिस्तान में मौजूद सैनिकों की संख्या को घटाकर 8600 तक कर दिया है। वहीं पांच सैन्य ठिकानों को अफगान सुरक्षा बलों को सौंप दिए हैं।
मालूम हो कि अगस्त में राष्ट्रपति ने यह फैसला लिया था कि नवंबर तक अफगानिस्तान में स्थितियां ऐसी हो जाएंगी कि सैनिकों की संख्या को चार से पांच हजार के बीच किया जा जा सकेगा।
अफगानिस्तान से यूएस सैनिकों को हटाने के एलान के बाद विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप को तारीख का एलान नहीं करना चाहिए था। इससे तालिबान के साथ वार्ता के मेज पर अमेरिका कमजोर पड़ जाएगा।
इतना ही नहीं तालिबान के अंदर एक बड़ा धड़ा है जो यह मानता है कि वह अफगानिस्तान के ज्यादातर इलाकों पर फिर से कब्जा कर सकता है। तालिबान का मानना है कि शांति समझौता केवल देश में मौजूद बड़ी शक्तियों के लिए केवल एक छूट है।