शिवपुरी कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान करैरा तहसील के ग्राम सिरसौद के सरपंच अतर सिंह लोधी ने कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर पंचायत की डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और डोंगल वापस दिलाने की मांग की। सरपंच का कहना है कि करीब डेढ़ महीने से डीएससी/डोंगल जनपद पंचायत के CEO के पास होने के कारण पंचायत के कई जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं।
सरपंच अतर सिंह लोधी के मुताबिक डीएससी/डोंगल उपलब्ध नहीं होने के कारण पंचायत से जुड़े आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों के वेतन भुगतान, नल-जल योजना सहित अन्य विकास एवं जनहित से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंच ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप कर डीएससी/डोंगल जल्द वापस दिलाने और पंचायत के कामकाज को सामान्य कराने के निर्देश देने का अनुरोध किया।
सरपंच ने अपने आवेदन में बताया कि गांव में बिजली की समस्या को लेकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद उनके सहित 14 लोगों के खिलाफ अमोला थाने में एफआईआर दर्ज की गई। सरपंच का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान किसी एंबुलेंस या अन्य वाहन को रोका नहीं गया था। उन्होंने इस मामले में भी अपनी स्थिति कलेक्टर के समक्ष रखी।

अतर सिंह लोधी का कहना है कि डीएससी/डोंगल के अभाव में पंचायत के नियमित कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है। उनका दावा है कि सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों से जुड़े भुगतान प्रभावित होने से गांव में गंदगी की स्थिति बढ़ रही है, जिससे बीमारी फैलने की आशंका भी बनी हुई है।
जनसुनवाई में सरपंच ने कलेक्टर से पंचायत के आवश्यक कार्यों को ध्यान में रखते हुए तत्काल डीएससी/डोंगल वापस दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा उपलब्ध होने के बाद पंचायत के रुके हुए भुगतान और अन्य जरूरी कार्यों को सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा। अब मामले में प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों की नजर बनी हुई है।