लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार सुबह दतिया में मानसून ने जोरदार दस्तक दी। तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में गलियां और नाले पानी से भर गए, जबकि कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
मानसून की इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी राहत नजर आई। खरीफ फसलों की बुवाई और खेती के लिए इसे सकारात्मक शुरुआत माना जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने पर फसलों को पर्याप्त लाभ मिलेगा।
हालांकि शुक्रवार की बारिश के बावजूद जिले में मानसून की रफ्तार अभी भी सामान्य से काफी पीछे है। 1 जून से 3 जुलाई तक दतिया जिले में कुल 126.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 559.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस तरह इस बार अब तक 433.4 मिमी कम वर्षा हुई है।

शुक्रवार को जिले में कुल 20 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसमें दतिया तहसील में 18 मिमी और इंदरगढ़ वर्षामापक केंद्र पर 2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि सेवढ़ा और भांडेर क्षेत्र में वर्षा दर्ज नहीं हुई।
जिले की औसत वार्षिक वर्षा 870.8 मिमी है, लेकिन अब तक केवल 3.7 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज हो सकी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जिससे खेती-किसानी और जल स्रोतों को लाभ मिलने की उम्मीद है।