रिपोर्ट – माया सिंह
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं , जिससे हॉस्पीटल में बेड से लेकर श्मशान घाट तक वेटिंग की खबरें लगातार आ रहीं हैं । इसी बीच यह जानकारी मिली है कि लखनऊ में अब ऐसी स्थिति बन गई है कि अंतिम संस्कार के लिए दूसरे जिलों से लकड़ियां मंगानी पड़ रही हैं ।
दरअसल , रविवार को बैकुंठ धाम में कुल 87 शव पहुंचे थे , जिसमें 37 शव कोरोना मरीज और 50 गैर कोरोना संक्रमित थे । हालांकि 10 कोरोना संक्रमित शवों को मशीन से जलाया गया जबकि बाकी शवों का दाह संस्कार लकड़ी से किया गया।
वहीं गुलाला घाट पर भी कोई कम भीड़ नहीं दिखी । इस घाट पर भी करीब 142 शव पहुंचे थे , जिनमें से 180 शवों का अंतिम संस्कार लकड़ी से किया गया । इनमें 38 शव कोरोना संक्रमित थे। जानकारी के लिये बता दें कि रविवार को ही सीता पुर से 8 ट्रक लकड़ी मंगाई गई , जिसके बाद यह अंतिम संस्कार हो पाया है ।
गौरतलब है कि शवों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण लकड़ी का संकट पैदा हो गया था । आमतौर पर यहां दो ट्रक लकड़ी की खपत होती थी लेकि कोरोना की इस दूसरी लहर में 5 से 6 ट्रक लकड़ियां लग रही हैं । सबसे बड़ी बात यह है कि श्मशान में अंतिम संस्कार के लिये कतार लगी हुई थी और लकड़ी की कमी पड़ने लगी । इसके बाद लकड़ी के लिये निकले तो लखनऊ में लकड़ी कहीं नहीं मिली , जिसके बाद सीतपुर के सिधौली से लकड़ी मंगानी पड़ी ।
हालांकि अब आठ ट्रक लकड़ी मंगवाकर दोनों घाटों पर रखवा दिया गया है । इसके अलावा कान्हा उपवन के कांडा भी इस्तेमाल किया जा रहा है । जानकारी के लिये बताते चलें कि कोरोना संक्रमित शवों के अंतिम संस्कार का पूरा खर्च नगर निगम उठा रहा है । साथ ही बैकुंठ धाम पर 50 प्लेटफॉर्म औऱ गुलाला घाट पर 10 प्लेटफॉर्म तैयार करवा दिये है और सभी पर लकड़ियां रखवा दी गई हैं ।