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जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार: CM डॉ. मोहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी के सम्पूर्ण शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए संकल्पित है। शिक्षा, छात्रवृत्ति, आवास, कौशल और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए बजट में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।

By: Abhinav Tiwari 
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जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी के सर्वांगीण शैक्षणिक विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार: CM डॉ. मोहन

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय की नई पीढ़ी को शिक्षा, कौशल, रोजगार और सामाजिक सहभागिता-हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनजातीय विद्यार्थियों के सम्पूर्ण शैक्षणिक विकास के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं रखी गई है, साथ ही उनकी सांस्कृतिक पहचान और विरासत को संरक्षित रखते हुए विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पुनः स्थापित हुई जनजातीय गरिमा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समुदाय की गरिमा को पुनः स्थापित किया गया है। उभरती जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से जनजातीय समाज का आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ा है।

शिक्षा के लिए रिकॉर्ड बजट प्रावधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। प्राथमिक शालाओं के लिए ₹4,507 करोड़, माध्यमिक शालाओं के लिए ₹2,895 करोड़ और शासकीय हाई/हायर सेकेंडरी शालाओं के लिए ₹1,477 करोड़ का बजट रखा गया है। इसके अतिरिक्त, कक्षा 11वीं, 12वीं और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं से 1.92 लाख विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्हें ₹348 करोड़ की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है, जबकि इस वर्ष बजट में ₹693 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

एकलव्य और सांदीपनि विद्यालयों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से शत-प्रतिशत अनुदान पर जनजातीय क्षेत्रों में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 2,000 जनजातीय विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके साथ ही, नवीन शिक्षा नीति के तहत 94 सांदीपनि विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनके लिए ₹825 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इन विद्यालयों में केजी-1 से कक्षा 12वीं तक एकीकृत शिक्षा, खेल-कूद और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है।

आवास, आहार और छात्र सहायता योजनाएं

जनजातीय विद्यार्थियों के लिए आवास सहायता योजना के अंतर्गत ₹198 करोड़ का प्रावधान किया गया है। छात्रावास में प्रवेश न मिलने की स्थिति में संभाग मुख्यालय में ₹2,000, जिला मुख्यालय में ₹1,250 और विकासखंड स्तर पर ₹1,000 प्रतिमाह आवास भत्ता दिया जा रहा है। अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के लिए आहार अनुदान योजना में ₹450 करोड़ का प्रावधान है। बैगा, भारिया और सहरिया परिवारों की महिला मुखिया को अब ₹1,500 प्रतिमाह सहायता दी जा रही है, जिससे 2.28 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं।

आकांक्षा योजना से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

आकांक्षा योजना के तहत जनजातीय वर्ग के प्रतिभावान विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं और 12वीं के साथ JEE और NEET जैसी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग इंदौर और भोपाल में दी जा रही है। छात्रावासों और आश्रमों में विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, बिजली, पानी, खेल सुविधाएं तथा भोजन हेतु बालकों को ₹1,650 और बालिकाओं को ₹1,700 प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जा रही है। इससे 11,420 से अधिक जनजातीय विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।

शिक्षा के लिए बहुआयामी बजट व्यवस्था

जनजातीय शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए सीनियर छात्रावास हेतु ₹538 करोड़, स्पेशल एवं रेसिडेंशियल अकादमिक सोसायटी के लिए ₹524 करोड़, आश्रमों के लिए ₹431 करोड़ और एकीकृत छात्रावास योजना के लिए ₹322 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, छात्रवृत्ति योजनाएं, क्रीड़ा परिसर और हाई स्कूलों के लिए भी अलग-अलग बजट आवंटन किया गया है।

जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक प्रगति

प्रदेश में 81 कन्या शिक्षा परिसर, 8 आदर्श आवासीय विद्यालय और विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में कंप्यूटर प्रशिक्षण एवं कौशल विकास केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वन अधिकार अधिनियम के तहत 2.70 लाख दावों को मान्यता दी गई है और 792 वनग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित किया गया है। बैगा और भारिया बहुल क्षेत्रों में हैबिटेट राइट्स भी प्रदान किए गए हैं।

धरती आबा अभियान और पीएम जनमन से व्यापक लाभ

धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 51 जिलों के 267 विकासखंडों के 11 हजार से अधिक गांवों में 18.58 लाख जनजातीय परिवारों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (PM जनमन) के अंतर्गत 24 जिलों में आधार कार्ड, जनधन खाते, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं।

समग्र विकास की दिशा में मजबूत कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण- हर क्षेत्र में किए गए ये प्रयास जनजातीय समुदाय को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानित जीवन की ओर ले जाने में निर्णायक साबित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समाज विकास की मुख्यधारा में समान भागीदारी के साथ आगे बढ़े और प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाए।

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