रिपोर्ट: नंदनी तोदी
मथुरा: उत्तर प्रदेश का गोवर्धन गिरिराज पर्वत सिर्फ एक पर्वत नहीं है बल्कि लाखो-करोड़ो की आस्था है। ये वहीे पर्वत है जिसे दिपावाली के दौरान गोवर्धन पूजा के लिए पूजा जाता है। ये वहीं पर्वत है जिसे श्री कृष्ण ने उठाया था, पर आप क्या जानते है कि इसकी ऑनलाइन बिक्री की जा रही है।
दरअसल, एक कंपनी लक्ष्मी डिवाइन आर्टिकल स्टोर्स इस पर्वत की बिक्री कर रही है। इतना ही नहीं इस कंपनी ने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी ‘इंडिया मार्ट’ पर एक विज्ञापन भी डाला है।
आपको बता दें, पर्वत शिला की कीमत पांच हजार रुपए रखी गई है और इस पर कंपनी ने ‘नेचुरल गिरी गोवर्धन शिला गोवर्धन स्टोन गिरिराज कृष्ण शिला’ भी लिखवाया है। वहीं, गिरिराज शिला का एक फोटो भी लगा है और उसकी कीमत 5,175 रुपए रखी है।
जब से इस खबर के बारें सोशल मीडिया पर पता चला है तब से साधु-संतों और ब्रजवासियों में आक्रोश उमड़ गया। इतना ही नहीं साधू संतुओ ने कंपनी के मालिक और कामान्य के खिलाफ भी केस दर्ज करवाकर गिरफ्तारी की मांग की है।
परिक्रमा में रह रहे दीनबंधु दास महाराज ने बताया कि गिरिराज जी महाराज हम सभी साधु संतों और ब्रजवासियों के इष्ट हैं। धार्मिक ग्रन्थों में लिखा हुआ है कि गिरिराज जी की शिला को गिरिराज तलहटी से बाहर ले जाना निषिद्ध है।
इतना ही नह लोगों ने भी इस कदम पर आपत्ति जताई है और सरकार को ठोस कदम उठाने की मांग की है।
आपको बता दें, इस मामले में इंडिया मार्ट के फाउंडर और CEO दिनेश अग्रवाल, को-फाउंडर ब्रजेश अग्रवाल और मथुरा स्थित सप्लायर अंकुर अग्रवाल के खिलाफ भारतीय दंड सहिता (IPC) की धारा 265 और IT एक्ट की धारा 66 के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने इन तीनो को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
पुलिस ने बताया है कि ये FIR मथुरा स्थित एक सोशल वर्कर केशव मुखिया की शिकायत पर गोवर्धन पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में इसी पुलिस स्टेशन में 10 और शिकायतें दर्ज थीं, जिन्हें एक साथ जोड़ कर जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक वेबसाइट पर दावा किया जा रहा है कि ये पत्थर प्राकृतिक हैं। वेबसाइट पर एक पत्थर की कीमत 5,175 बताई गई है।