गाजियाबाद: साल 2021 का प्रथम माह जनवरी आधे से ज्यादा निकल गया और कड़ाके की ठंड में हाथ पांव ठिठुर रहे हैं…जहां एक तरफ इस हाड कपाती ठंड में लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो रहा है वहीं दिल्ली एनसीआर में पॉल्यूशन की मात्रा में इजाफा दर्ज किया जा रहा है बतादें की जनवरी में पूरे 18 दिन गुजर चुके है और दिल्ली एनसीआर के साथ आस पास के क्षेत्रों में AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब रही है और गाजियाबाद में प्रदूषण सबसे अधिक रहा है जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के प्रदूषण सूचकांक ऐप समीर के मुताबिक सोमवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) गाजियाबाद में 393, नोएडा में 376 और ग्रेटर नोएडा में 372 दर्ज किया गया।
वहीं बतादें की ऐप के अनुसार फरीदाबाद में AQI 321 और गुरुग्राम में 284 दर्ज किया गया। बुलंदशहर में AQI 358, बागपत में 308, हापुड़ में 122 दर्ज किया गया। इंडेक्स के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच AQI को अच्छा होता है और 51 से 100 के बीच संतोषजनक माना जाता है जिसके साथ ही 100 से 200 के बीच मध्यम और 201 से 300 के बीच खराब श्रेणी में किया जाता है वहीं दूसरी तरफ 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है।
पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का मानना है की कम बारिश होने की वजह से हवा में धूल के कण मिले हुए हैं।जिससे सांस लेना कठिन हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ तापमान कम होने के कारण कोहरा हो रहा है, जिसकी वजह से एक्यूआई में इजाफा हो रहा है।अगर बारिश नहीं हुई तो आने वाले दिनों में AQI और भी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगा।