देश के पीएम बनने के बाद से ही मोदी जी का सिर्फ एक लक्ष्य रहा है और वो है देश के लोगों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाना।
आज इस समय में जब जापान में बुलेट ट्रैन चल रही है वही हम आज भी स्टेशन पर खड़े होकर रेलगाड़ी का इंतज़ार कर रहे है।
आज़ादी के सत्तर सालों के बाद भी इस देश में बुलेट ट्रैन नहीं चल पायी है।
क्या कारण है की दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक भारतीय रेलवे में आज भी साल के 10 करोड़ के करीब टिकट सीट नहीं होने की वजह से कैंसिल हो जाते है।
खाने की गुणवत्ता नहीं है। आज भी वही पुरानी पटरियों पर ट्रैन चल रही है। ट्रैन की स्पीड आज भी वही है जो सालों पहले थी।
रेलवे में एक क्रन्तिकारी बदलाव की जरूरत है और इसे पीएम मोदी अच्छे से महसूस करते है और जानते है।
रोड सरकार बनाती है लेकिन उस पर प्राइवेट गाड़ी भी चलती है तो फिर सरकार की पटरियों पर प्राइवेट ट्रैन क्यों नहीं दौड़ सकती है ?
इसी को ध्यान में रखते हुए अब एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल पीएम मोदी ने तय किया है की अब सरकार प्राइवेट ट्रैन चलाएगी ताकि लोगों को विश्व स्तर की सुविधा मिल सके।
इसी के तहत रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा, 44 नई वंदे भारत ट्रेनों के लिए जुलाई में टेंडर जारी होगा।
उन्होंने कहा, दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता के बीच यात्रा को ओवरनाइट जर्नी में तब्दील करना चाहते हैं इसलिए टेक्नेलॉजी के जरिए स्पीड बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है।
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि अगले 6 से 8 महीने में फाइनेंशियल बिड्स आएंगी और 2023 में प्राइवेट कंपनिया ट्रेन चलाना शुरू कर देंगी. प्राइवेट ट्रेनों में किराया प्रतिस्पर्धी होगा।
जानकारों का कहना है की पीएम मोदी के इस निर्णय से देश में क्रांति आ सकती है। आज़ादी के 70 सालों के बाद भी देश में ट्रैन समय पर नहीं चल पाती है।
स्वच्छ भारत अभियान से पहले स्टेशन पर कितनी गंदगी होती थी ये सब जानते है। उसके बाद भी आज ट्रैन के टॉयलेट साफ़ तक नहीं होते है।
लोगों की टिकट नहीं मिल पाते है। उम्मीद है पीएम मोदी के इस निर्णय से देश की जनता को ना सिर्फ राहत मिलेगी बल्कि उनके सुखद यात्रा का अनुभव भी होगा।