रिपोर्ट: मोहम्मद आबिद
गाजियाबाद: दिल्ली से सटी सीमाओं पर किसानों का आंदोलन दो महीने से जारी है और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, और 26 जनवरी की घटना के बाद से ही किसानों के प्रदर्शन का माहौल बदल गया है और लगातार गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार किसानों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है।
किसानों की लड़ाई को लम्बे समय तक जारी रखने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने गाजीपुर में एक सभा का आयोजन किया जिसमें उन्होंने किसान साथियों को एक ऐसा फॉर्मुला बताया है जिससे आंदोलन को अक्टूबर तक जारी रका जा सकता है। सभा को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा की एक गांव से 15 लोग आए और 10 दिन तक रूके रहें जिससे गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों की तादाद भी कम न हो और गांवों में खेती और किसी का नुकसान भी न हो।

राकेश टिकैत रोहतक में भी एक सभा में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, तुम अपनी ही करतूत की सजा भोगोगे। इन्होंने दिल्ली की पूरी किलाबंदी कर दी। बंदूक लगा रखी हैं। हमने कहा, जब-जब राजा डरता है किलेबंदी करता है। टिकैत ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, चुनाव के समय इन लोगों की सभा नहीं हो पाएगी। उन्होंने कहा, ‘ये लोग हमारे जवानों की पेंशन खा गए। मतलब विधायक को पेंशन और जवान को पेंशन नहीं। या तो उन्हें भी पेंशन मिले या फिर सांसद और विधायक को भी न मिले।’
भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा है की ये बांटने की कोशिश करेंगे, हम जोड़ने की कोशिश करेंगे। किसान का सवाल है, उसका जवाब किसानों को देना पड़ेगा। 6 तारीख को शांतिपूर्ण तरीके से तीन घंटे तक हमारे कार्यक्रम रहेंगे। जो लोग जाम में फंसेंगे उनको सारी सुविधाएं दी जाएंगी। बतादें कि किसानों ने दिल्ली को छोड़कर अन्य जगहों पर चक्का जाम करने का ऐलान किया है।