Home कृषि मंत्र लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने से पूरा देश बर्बाद हो गया: राकेश टिकैत

लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने से पूरा देश बर्बाद हो गया: राकेश टिकैत

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नई दिल्ली: गाजीपुर सीमा और सिंघू सीमा पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार शाम को पुलवामा में कैंडल मार्च का आयोजन किया। जिसमें किसान नेता, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकेट मौजूद रहे। आप बता कि शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कुछ छात्र संगठन गाजीपुर में आयोजित कैंडल मार्च में भाग लेने के लिए भी पहुंचे। कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।

इस दौरान राकेश टिकेट ने कैंडल मार्च किया और पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उन्होंने सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट भी किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “पानीपत टोल प्लाजा पर मार्च कैंडल और पुलवामा हमले में शहीद लाल अमर वीर के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि।”

किसान नेता राकेश टिकैत ने श्रद्धांजलि देने के दौरान लाल किले की घटना का उल्लेख भी किया। उन्होंने लाल किले पर बात करते हुए कहा कि 26 जनवरी के दिन सब कुछ तय हो गया था लेकिन यह उपरोक्त लोगों का पक्ष है कि लोग फिर से जुड़ गए। जिसके बाद लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने से पूरा देश बर्बाद हो गया। ऐसी नफरत फैलाई गई कि सरदार बहुत बुरा समुदाय है। वह उनके साथ कहने लगा कि ये किसान भी बुरे हैं। उन्होंने कहा कि पगड़ी पर सीधा हमला किया गया था। कुछ बचा नहीं था।

देश काला दिन यानी 14 फरवरी के बारे में जिक्र करते हुए टिकैत ने कहा कि दो साल पहले, 14 फरवरी का दिन जम्मू-कश्मीर में एक दुखद घटना के साथ इतिहास में दर्ज है। दो साल बीत गए, लेकिन उस घटना के घाव आज तक हरे हैं, जब आतंकवादियों ने इस दिन को देश के सुरक्षाकर्मियों पर नृशंस हमले के लिए चुना था। राज्य के पुलवामा जिले में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से भरे वाहन में सीआरपीएफ कर्मियों को ले जा रही एक बस को टक्कर मार दी, जिसमें 40 सैनिक मारे गए और कई गंभीर रूप से घायल हो गए।

राकेश टिकैत ने कहा कि अभी जवान और किसान ने कानून वापसी का नारा लगाया है। हमने गद्दी वापसी का नारा नहीं लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार आप बनाते रहो, चलाते रहो, जो करना है करो। आप हमारे काम करते रहो। सरकार किसी की भी हो, हम सरकार से किसानों के लिए पॉलिसी पर बात करेंगे।”

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