Home उत्तराखंड इशारो-इशारो में घिरे त्रिवेंद्र सिंह रावत, दुष्यंत बोले- जरुरी नहीं कि जो जब तक जिंदा है तब तक पार्टी मे बने रहें

इशारो-इशारो में घिरे त्रिवेंद्र सिंह रावत, दुष्यंत बोले- जरुरी नहीं कि जो जब तक जिंदा है तब तक पार्टी मे बने रहें

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रिपोर्ट: नंदनी तोदी
देहरादून: उत्तराखंड में सियासी खटपट के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन कुर्सी जाने के बाद से ही त्रिवेंद्र सदमे में दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने बीते दिनों अपनी ही सरकार पर कई बार निशाना साधा है। अब उनके बयानों पर प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने इशारो इशारो में जवाब दिया है।

दरअसल, प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम बीए दिन देहरादून गए थे, जहा उन्होंने प्रदेश में आगामी चुनाव पर बैठक की। उसी दौरान उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में ये जरुरी नहीं कि जो जब तक जिंदा है तब तक पार्टी मे बने रहेंगे। हमारी पार्टी एक परिवार की पार्टी नहीं है कि वो आया और वो बना रहेगा और जब तक बना रहेगा जब तक मरेगा नहीं।

प्रदेश प्रभारी कहते हैं कि पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत का चार साल का कार्यकाल बेदाग और बेहतर रहा…तो भाई उन्हें सीएम की कुर्सी से क्यों हटाया गया। आखिर ऐसी भी क्या जरुरत आन पड़ी थी। या ऐसा भी क्या हो गया था कि दिल्ली बुलाने के बाद सीधे राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा।

आपको बता दें, कुर्सी जाने के बाद पूर्व सीएम ने होली मिलन कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए कहा था कि मुझे क्यों हटाया गया मुझे नहीं मालूम। पूर्व सीएम ने कहा कि मेरे 4 साल के कार्यकाल में मुझ पर एक भी दाग नहीं लगा। उन्होंने कहा कि राजनीति की काली सुरंग में मैं एक साफ सुथरे चेहरे के साथ बाहर निकला हूं। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुझे चाहे कितने भी कष्ट झेलने पड़े, वे कष्ट झेलूंगा औऱ लोगों कीसेवा करता रहूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ता कष्ट में हैं और भावुक भी हैं।

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