Home उत्तराखंड शाही स्नान के चलते नहीं आएंगी इन तारीखों को हरिद्वार स्टेशन पर ट्रेनें, पढ़ें रेलवे का ये आदेश

शाही स्नान के चलते नहीं आएंगी इन तारीखों को हरिद्वार स्टेशन पर ट्रेनें, पढ़ें रेलवे का ये आदेश

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रिपोर्ट: नंदनी तोदी
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित कुम्भ मेले का आगाज़ 1 अप्रैल से हो गया है। इस साल हालाँकि कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते कुम्भ थोड़ा फीका भी नज़र आ रहा है। इसी बीच कुम्भ जाने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है।

दरअसल, राजकीय रेलवे पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी ने घोषणा की है कि 11 से 14 अप्रैल के बीच हरिद्वार के लिए ट्रेनों पर रोक दिया गया है क्योंकि 12 अप्रैल और 14 अप्रैल को चल रहे कुंभ मेले में ‘शाही स्नान’ होगा। और अब भक्तों को ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर स्टेशनों पर उतरना होगा, जहां से वे शटल बसों से आगे जाएंगे।

एसपी जीआरपी मंजूनाथ टीसी ने कहा, “12 से 14 अप्रैल तक कुंभ मेले में शाही स्नान के कारण 11 से 14 अप्रैल तक हरिद्वार (उत्तराखंड) रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों पर रोक लगा दी गई है। अब श्रद्धालुओं को ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर स्टेशनों पर उतरना होगा जहां से उन्हें आगे शटल बसें ले जाएंगी।”

एसपी जीआरपी मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को एक ब्रीफिंग में जवानों को बताया कि इस दौरान श्रद्धालुओं को ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर उतारा जाएगा। ज्वालापुर स्टेेशन फुल होने पर लक्सर और रुड़की में ट्रेनों को रोका जाएगा। यहां से शटल बसों से यात्रियों को लाया जाएगा पर वापसी हरिद्वार स्टेशन से ही होगी।

बता दें, जीआरपी ने मुरादाबाद मंडल में पत्र भेज अपील की है कि 11 से 14 अप्रैल के बीच देहरादून और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेनों को ज्वालापुर में ही रोका जाए। हालाँकि अभी इस निर्णय पर अनुमति नहीं मिल पाई है।

इस साल श्रद्धालुओं को कुंभ में स्नान करने के लिए तय रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर शटल बस की सुविधा लेनी होगी। इस वर्ष श्रद्धालु 11 से 14 अप्रैल तक सीधे हरिद्वार रेलवे स्टेशन नहीं जा पाएंगे। बल्कि सभी को ज्वालापुर, रुड़की और लक्सर स्टेशनों पर उतरकर आगे जाने के लिए शटल की सुविधा लेनी होगी।

आपको बता दे, प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को 12 राज्यों से आने वाले लोगों के लिए आरटी-पीसीआर रिपोर्ट लानी अनिवार्य कर दिया है। और यह रिपोर्ट 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए।

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