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डॉ. मोहन यादव बोले- अन्नदाता सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता, धान उपार्जन में बना नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में प्रदेश में कुल 51 लाख 74 हजार 792 मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन किया गया

By: Abhinav Tiwari 
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डॉ. मोहन यादव बोले- अन्नदाता सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता, धान उपार्जन में बना नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अन्नदाताओं को सशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस सत्र में धान (कॉमन) का एमएसपी 2,369 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 69 रुपये अधिक है। इससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है।

51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 में प्रदेश में कुल 51 लाख 74 हजार 792 मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन किया गया। यह आंकड़ा राज्य सरकार की किसान-हितैषी नीतियों की सफलता को दर्शाता है। इस सत्र में धान उपार्जन के लिए प्रदेशभर में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए, जिससे किसानों को नजदीकी स्तर पर सुविधा मिली।

किसानों का व्यापक पंजीयन और सक्रिय भागीदारी

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस खरीफ सत्र में प्रदेश में 8 लाख 59 हजार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से करीब 92 प्रतिशत किसानों ने स्लॉट बुक कर उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया, जबकि लगभग 89 प्रतिशत किसान वास्तविक रूप से उपार्जन केंद्रों पर धान विक्रय के लिए पहुंचे। यह किसानों के बढ़ते विश्वास और व्यवस्था की पारदर्शिता को दर्शाता है।

समय पर भुगतान से किसानों को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को शीघ्र और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित करने के लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर कुल 12,259 करोड़ रुपये का मूल्यांकन किया गया, जिसमें से करीब 11,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में सीधे जमा कराए जा चुके हैं।

परिवहन और गुणवत्ता परीक्षण में भी तेज प्रगति

उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन पूरा कर लिया गया है। वहीं, परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हजार मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार भी किया जा चुका है। इससे पूरी प्रक्रिया की सुचारुता और प्रशासनिक दक्षता स्पष्ट होती है।

अगली फसल की तैयारी में बढ़ा किसानों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय पर भुगतान और उचित मूल्य मिलने से किसानों को आर्थिक संबल मिला है। इससे वे अगली फसल की तैयारी आत्मविश्वास के साथ कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने धान उपार्जन की संपूर्ण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके।

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