रिपोर्ट: रुपेश गुप्ता/ सत्यम दुबे
हमीरपुर: एक तरफ कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछले कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला हमीरपुर जिले से सामने आया है। जिले में यमुना नदी के जल धारा में एक साथ दर्जनों लाशें उतराती देखीं, जिससे जिले में हड़कम्प मच गया है। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने भी देखा कि नदी में दर्जनों शव तैर रहे है। कयास लगाया जा रहा है कि ये शव कानपुर और हमीरपुर जिलो के गांव वालो द्वारा जल में प्रवाहित किया गया है।

आपको बता दें कि यमुना नदी में गुरुवार दर्जनों शव पानी मे उतराते दिखे, जिसके बाद जिले में हड़कम्प मच गया। इन शवो की हकीकत जानने के लिये हमीरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि कानपुर और हमीरपुर जिलो के ग्रामीण इलाकों में बड़ी तादाद में लोगो की मृत्यु हो रही है । यह सब शवो को गामीणो द्वारा जल प्रवाहित किया गया है।
इस मामले में ASP अनूप कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बहने वाली यमुना नदी का उत्तरी किनारा कानपुर से लगता है और दक्षिणी किनारा हमीरपुर में लगता है।यमुना नदी कानपुर और हमीरपुर जिलो की सीमा रेखा के रूप में बहती है। यमुना नदी को कानपुर और हमीरपुर जिले के लोग मोक्ष दाहिनी कालिंदी के रूप में मानते हैं, और मत्यु होने पर इसी यमुना में जल प्रवाहित किये जाने की पुरानी परंपरा है।
उन्होने आगे बताया कि यमुना नदी में एक-दो शव तो हमेशा उतराते देखे जाते हैं, पर कोरोनॉ काल मे इस नदी में शवो की बाढ़ आ गयी है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण इलाकों में कितनो बड़ी तादाद में लोगो की मौत हो रही है। कोरोनॉ के डर से ग्रामीण शवो का अग्निदाह करने के बजाये यमुना नदी में प्रवाहित कर दे रहे है इसी वजह से यमुना नदी में एक साथ दर्जनों शव उतरते नजर आ रहे है।
वहीं हमीरपुर के नायब तहसील दार प्रमेंद्र सचान ने बताया कि हमीरपुर के कानपुर-सागर मार्ग पर यमुना नदी में पुल के पास कुछ जले-अधजले शव तैर रहे हैं। जांच की जा रही है कि ये शव कहां से आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही कार्रवाई की जा रही है।