नई दिल्ली : हिंदू पंचांग में अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त और साल के सबसे शुभ दिनों में से एक दिन के रूप में देखा जाता है। इस दिन आपको किसी तरह के शुभ और मांगलिक कार्य करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना भी की जाती है, जिससे साल भर धन की देवी का आशीर्वाद बना रहता है। आपको बता दें कि इस बार अक्षय तृतीया 14 मई को है। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया और कुछ जगहों पर आखा तीज भी कहा जाता है।
हालांकि इस दिन कुछ ऐसे भी काम है, जिन्हें अक्षय तृतीया के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। नहीं तो, इससे मां लक्ष्मी रूष्ट हो जाती है। इसलिए हम आपको अक्षय तृतीया से एक दिन पहले ही बता रहे हैं कि आप इस दिन कौन सा ऐसा काम ना करें जिससे देवी लक्ष्मी आपसे नाराज हो जाएंगी और धन संपत्ति का नुकसान हो सकता है।
साफ-सफाई पर ध्यान दें
ऐसी मान्यता है कि जिस घर में गंदगी होती है वहां पर माता लक्ष्मी का वास कभी नहीं होता क्योंकि देवी लक्ष्मी को साफ सफाई बेहद पसंद है। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा स्थल की भी साफ सफाई करनी बेहद जरूरी है। साथ ही पूजा के दौरान भी स्वच्छता और शुद्धता का भी ध्यान रखें।
क्लेश या लड़ाई झगड़ा न करें
जहां तक संभव हो अक्षय तृतीया के दिन सभी से अच्छे से प्रेम भाव से मीठे स्वर में ही बात करें और इस दिन किसी से भी क्लेश या लड़ाई झगड़ा न करें। अक्षय तृतीया के दिन झगड़ा या क्लेश करने से भी मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
बिना स्नान किये तुलसी के पत्ते ना तोड़े
भगवान विष्णु को तुलसी का पौधा बेहद प्रिय है और कई जगहों पर अक्षय तृतीया के दिन तुलसी की पूजा भी की जाती है। इसलिए अक्षय तृतीया के दिन बिना स्नान किए तुलसी के पौधे को न छूएं और ना ही उसकी पत्ती तोड़ें। अक्षय तृतीया के दिन बिना स्नान किए तुलसी के पत्ते तोड़ने से व्यक्ति की पूजा सफल नहीं होती।
नए भवन का निर्माण न करवाएं
वैसे तो अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है और इस दिन आप चाहें तो नया मकान खरीद सकते हैं लेकिन भूल से भी इस दिन अपने नए भवन का निर्माण कार्य न करवाएं। ऐसा करना अशुभ माना जाता है।
तामसिक भोजन का सेवन ना करें
अक्षय तृतीया के दिन मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन भूल से भी नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं औऱ घर की सुख समृद्धि खत्म हो जाती है।