मध्य प्रदेश विधानसभा में आज आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुई चर्चा को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताएं सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि उसे आवारा कुत्तों का मुद्दा अधिक महत्वपूर्ण नजर आ रहा है, जबकि हाल ही में हुई 35 लोगों की मौत पर चर्चा से परहेज किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि जिन 35 परिवारों के घरों से अर्थियां उठीं, उनका दर्द सरकार को नजर नहीं आ रहा है। इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी से सरकार बचती हुई दिखाई दे रही है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी पर सदन में गंभीर चर्चा नहीं की जा रही है।
उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि जब विधानसभा में आवारा कुत्तों जैसे मुद्दे पर विस्तार से बहस हो सकती है, तो 35 लोगों की मौत जैसे गंभीर विषय पर चर्चा से बचना सरकार की असंवेदनशीलता को साफ तौर पर उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व है कि वे जनता से जुड़े अहम मुद्दों को प्राथमिकता दें।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सरकार को सदन में जवाबदेह बनना होगा और जनहानि जैसे मामलों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविक समस्याओं पर गंभीर विमर्श जरूरी है।