धार जिले के हिंदू संगठनों ने उद्योग विभाग पर गौशाला की भूमि कब्जाने का आरोप लगाया है। जिसको लेकर ग्राम जेतपुरा की गौशाला समिति, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा है। समिति के मुताबिक खसरा क्रमांक 756 में संचालित गौशाला में लगभग 300 बीमार, दुर्घटनाग्रस्त एवं निराश्रित गौवंशों का संरक्षण किया जा रहा है।
गौशाला प्रबंधन का आरोप है कि खसरा संख्या 755 एवं आसपास की भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है। जिसके लिए गौशाला से लगी भूमि के प्लॉट काटे गए हैं। इसमें बिना उचित सीमांकन कर तार फेंसिंग कर अतिक्रमण करने का प्रयास किया जा रहा है। नियमों के अनुसार गौशाला संचालन के लिए 12 एकड़ भूमि आरक्षित रहना आवश्यक है, लेकिन वर्तमान में गोचर भूमि प्रभावित हो रही है।
समिति ने कहा कि यदि चराई भूमि समाप्त हुई तो गौवंश के आहार आदि पर असर पड़ेगा और उनकी मृत्यु दर बढ़ सकती है। साथ ही औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले प्रदूषण से भी पशुओं को नुकसान हो सकता है।
गौशाला प्रबंधन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के भूखंड संख्या 100 से 112 तक डिनोटिफाई किया जाए। साथ ही गौशाला एवं गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर सुरक्षित किया जाए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गौशाला के सदस्य एवं विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारी मौजूद रहे। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।