केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, 2025 के संबंध में देशभर की स्वयं-सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस राष्ट्रीय संवाद में 622 जिलों से लाखों प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परिवर्तन लाने वाला ऐतिहासिक कदम है। इसके तहत कम से कम एक-तिहाई कार्य महिलाओं को दिए जाएंगे। एकल महिलाओं के लिए विशेष ‘ग्राम रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी किए जाएंगे, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर काम मिल सके।
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि काम दिल्ली से नहीं, गांवों से तय होंगे। पंचायतों की जरूरत और प्राथमिकताओं के अनुसार कार्यों का आवंटन होगा। जहां आवश्यकता अधिक होगी, वहां उसी अनुपात में काम भी अधिक मिलेगा-इससे स्थानीय शासन सशक्त होगा।
योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, पशुपालन आधारित आजीविका और सतत विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। बेहतर रोजगार और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर से ग्रामीण पलायन में कमी आएगी और गांव विकास के केंद्र बनेंगे।

मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि अब ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का वैधानिक रोजगार मिलेगा, जो पहले 100 दिन था। यदि काम मिलने में देरी होती है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का स्पष्ट प्रावधान अधिनियम में किया गया है।
योजना में महिलाओं को इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण से भी जोड़ा जाएगा। कार्यस्थलों पर क्रेच सुविधा, शिकायत निवारण तंत्र का सुदृढ़ीकरण, और महिला मुखिया परिवारों के लिए व्यक्तिगत परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ लोग योजना को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन 125 दिनों का रोजगार अब पत्थर की लकीर है। यह अधिनियम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासनी और कमलेश पासवान ने भी संबोधित किया। ग्रामीण विकास सचिव शैलेष कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया। विकसित भारत-जी राम जी योजना महिलाओं की भागीदारी, पंचायतों की सशक्त भूमिका, जल संरक्षण और रोजगार की वैधानिक गारंटी के साथ ग्रामीण भारत के परिवर्तन की मजबूत नींव रखती है।