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सहकारी बैंक में जमा रकम निकालने की मांग, बेटी की शादी का कर्ज चुकाने जनसुनवाई में पहुंची महिला

शिवपुरी के करैरा क्षेत्र की नाजमा खान ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन देकर सहकारी बैंक में जमा पति की करीब 8.20 लाख रुपये की राशि में से 3 लाख रुपये उपलब्ध कराने की मांग की। महिला के अनुसार बेटी की शादी का कर्ज चुकाने और अपने इलाज के लिए उन्हें तत्काल पैसों की जरूरत है।

By: Nivedita 
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सहकारी बैंक में जमा रकम निकालने की मांग, बेटी की शादी का कर्ज चुकाने जनसुनवाई में पहुंची महिला

शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र से एक महिला ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर के सामने अपनी आर्थिक परेशानी रखी। महिला ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, करैरा में जमा राशि में से कुछ रकम उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बेटी की शादी के लिए लिए गए कर्ज का भुगतान और इलाज का खर्च किया जा सके।

बैंक खाते में करीब 8.20 लाख रुपये जमा होने का दावा

पीड़िता नाजमा खान ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति कल्लू खान का खाता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, करैरा में संचालित है। उनके अनुसार खाते में करीब 8 लाख 20 हजार रुपये जमा हैं। महिला का कहना है कि पारिवारिक जरूरतों के चलते जमा रकम में से आवश्यक राशि निकालने की जरूरत है, लेकिन इस संबंध में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बेटी की शादी के लिए लिया था कर्ज

नाजमा खान ने बताया कि उनकी बेटी की शादी के लिए कर्ज लिया गया था, जिसका भुगतान अभी बाकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कर्ज चुकाने के लिए उन्हें तत्काल धन की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी की जिम्मेदारी पूरी करने के बाद अब कर्ज की राशि चुकाना परिवार के सामने एक बड़ी जरूरत बन गई है।

 

इलाज के लिए भी पैसों की जरूरत

आवेदन में महिला ने अपनी तबीयत खराब रहने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उपचार के लिए भी तत्काल पैसों की आवश्यकता है। इसी वजह से उन्होंने बैंक में जमा राशि में से 3 लाख रुपये उपलब्ध कराने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी है।

कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

जनसुनवाई के दौरान नाजमा खान ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए अनुरोध किया कि उनकी परिस्थितियों को देखते हुए बैंक में जमा रकम में से 3 लाख रुपये निकालने की व्यवस्था कराने में मदद की जाए। उनका कहना है कि इस राशि से बेटी की शादी का बकाया कर्ज चुकाने के साथ अपना उपचार भी कराया जा सकेगा। अब इस मामले में प्रशासन और संबंधित बैंक स्तर से क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा।

 

रिपोर्ट –  कुलदीप गुप्ता

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