प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत पीएम केयर्स फंड को सार्वजनिक प्राधिकरण के रूप में घोषित करने की मांग करने वाली मांग करने वाली याचिका पर आपत्ति जताई है।
विडियो काॅन्फ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई में पीएमओ की ओर से साॅलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायाधीश नवीन चावला से कहा कि इस संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे कि याचिका पर विचार क्यों नहीं होना चाहिए। इस मामले में आगे की सुनवाई 28 अगस्त को होगी।
उच्च न्यायालय सम्यक अग्रवाल की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें केंद्रीय जनसूचना अधिकारी और पीएमओ के एक आदेश को चुनौती दी गई थी। पीएमओ और केंद्रीय जनसूचना अधिकारी ने अग्रवाल को यह कहते हुए मांगे गए दस्तावेज देने से इनकार कर दिया था कि पीएम केयर्स फंड आरटीआई के तहत आने वाल सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं है।