लव जिहाद पर कानून बनने के बाद दारूल इफ्ता का फतवा
यूपी में जबरन धर्मांतरण को लेकर कानून बनने के बाद बरेली में पहला मुकदमा दर्ज किया गया था। फरार आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है।
इस बीच सुन्नी बरेलवी मसलक की सबसे बड़ी दरगाह आला हजरत की संस्था दारुल इफ्ता ने एक फतवा जारी किया है, जहां गैर मजहब की लड़की का मजहब बदलवाना नाजायज बताया है। साथ ही लव जिहाद को पश्चमी संस्कृति से आया बताया है।
बता दें, बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र में 28 नवंबर को जबरन धर्मांतरण को लेकर पुलिस ने नए कानून के तहत पहली एफआईआर दर्ज की थी। उवैश अहमद नाम के एक शख्स पर आरोप लगा था कि वह दूसरे समुदाय की छात्रा को प्रलोभन देकर जबरन धर्म परिवर्तित करने का दवाब बना रहा है।
पीड़ित छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू की। तब से आरोपी युवक अपने घर से फरार था। बुधवार को पुलिस ने एक मुखबिर की सूचना पर देवरनिया रेलवे फाटक से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। बताया जाता है युवक कहीं दूर भागना चाहता था, जहां वह पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके।