1. हिन्दी समाचार
  2. कृषि मंत्र
  3. ज्वार की नई किस्म सीएसवी 44 एफ वैज्ञानिकों ने विकसित की, पढ़िए

ज्वार की नई किस्म सीएसवी 44 एफ वैज्ञानिकों ने विकसित की, पढ़िए

By: RNI Hindi Desk 
Updated:
ज्वार की नई किस्म सीएसवी 44 एफ वैज्ञानिकों ने विकसित की, पढ़िए

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय,हिसार के कृषि वैज्ञानिकों ने पशुओं के चारे की फसल ज्वार की नई व उन्नत किस्म ‘सीएसवी 44 एफ’ विकसित कर विश्वविद्यालय के नाम एक और उपलब्धि दर्ज करवा दी है।

ज्वार की इस किस्म को विश्वविद्यालय के अनुवांशिकी एवं पौध प्रजनन विभाग के चारा अनुभाग द्वारा विकसित किया गया है।

इस किस्म को भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के कृषि एवं सहयोग विभाग की ‘फसल मानक, अधिसूचना एवं अनुमोदन केंद्रीय उप-समिति’ द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 84वीं बैठक में अधिसूचित व जारी कर दिया गया है।

‘सीएसवी 44 एफ’ किस्म में अन्य किस्मों की तुलना में प्रोटीन व पाचनशीलता अधिक है, जिसकी वजह से यह पशु के दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी करती है। इस किस्म में मिठास 10 प्रतिशत से भी अधिक व स्वादिष्ट होने के कारण पशु इसे खाना काफी पसंद करते हैं।

इस किस्म में हरे चारे के लिए प्रसिद्ध किस्म ‘सीएसवी 21 एफ’ से 7.5 प्रतिशत व ‘सीएसवी 30 एफ’ से 5.8 प्रतिशत अधिक हरे चारे की पैदावार होने के कारण किसानों को अधिक मुनाफा भी होगा।

सिफारिश किए गए उचित खाद व सिचाई प्रबंधन के अनुसार यह किस्म अधिक पैदावार देने में सक्षम है और इसे लवणीय भूमि में भी उगाया जा सकता है। अधिक बारिश व तेज हवा चलने पर भी यह किस्म गिरती नहीं है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...