नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। इसका कारण अमेरिका में क्रूड इनवेंट्री का बढ़ना है। हालांकि, घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीज़ल के दाम स्थिर है। बाजारों में कच्चा तेल सस्ता /महंगा होने से कारोबारियों के साथ-साथ आम लोगों पर सीधा असर होता है।
HPCL की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में गुरुवार को एक लीटर पेट्रोल के दाम बिना बदलाव के 104.01 पर स्थिर है। इसी तरह, एक लीटर डीज़ल के दाम 86.71 रुपये के भाव पर स्थिर रहे। देश की तीनों बड़ी कंपनी HPCL, BPCL और IOC रोजना सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों का ऐलान करती है।
अमेरिका में क्रूड इन्वेंट्री में 1 मिलियन बैरल की तेजी आई है। वहीं, यूबीएस एनालिस्ट जियोवानी स्टॉनोवो का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में मजबूत रैली के बाद, अब क्रूड में कंसोलिडेशन आएगा। मौजूदा स्तर से और गिरावट आ सकती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स मान रहे है कि क्रूड की डिमांड प्री कोविड स्तर पर लौट आई है। 2022 की पहली तिमाही में मांग 2019 के स्तर से अधिक हो सकती है। ऐसे में क्रूड जनवरी महीने में 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है।
शहर का नाम पेट्रोल रुपये/लीटर डीजल रुपये/लीटर
दिल्ली 103.87 86.67
मुंबई 109.98 94.14
चेन्नै 101.40 91.43
कोलकाता 104.67 89.79
भोपाल 107.56 90.87
रांची 98.52 91.56
बेंगलुरु 100.58 85.01
पटना 105.92 91.09
चंडीगढ़ 94.23 80.90
लखनऊ 95.28 86.80
नोएडा 95.51 87.01
(स्रोत- IOC SMS)
पेट्रोल-डीज़ल को लेकर सरकार अब क्या करेगी?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट को जीएसटी के तहत लाने से इनकी कीमतों में गिरावट आएगी। साथ ही, इससे केंद्र और राज्य, दोनों की आमदनी भी बढ़ेगी। एक कार्यक्रम में बोलते हुए गडकरी ने बताया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को अगर राज्य सरकारों का समर्थन मिलता है तो वह निश्चित तौर पर वाहन ईधन को जीएसटी के दायरे में लाने की कोशिश करेंगी। आपको बता दें कि कुछ राज्य पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने का विरोध कर रहे हैं। 17 सितंबर 2021 को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में पेट्रोल और डीजल को जीएसटी से बाहर रखने का फैसला किया गया था।