रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछल कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। अस्पतालों मे बेड,दवाईयों और ऑक्सीजन की कमीं से हाहाकार मचा हुआ है। लोगो के मन में यही चल रहा है कि महामारी की दूसरी लहर कब थमेंगी। इसके लेकर सरकार के मैथमेटिकल मॉडलिंग एक्सपर्ट प्रोफेसर एम. विद्यासागर ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर 7 मई को अपने पीक पर हो सकती है। उन्होंने कहा है कि देश के हेल्थ सेक्टर को इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहने की जरूरत है।
प्रोफेसर विद्यासागर ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि इस सप्ताह कोरोना अपने पीक पर आ सकता है। इसके बाद कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जाएगी। उन्होने आगे कहा कि 7 मई को कोरोना अपने पीक पर होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि हर राज्य में स्थिति थोड़ी बदली हुई दिखाई दे सकती है। हर राज्य में कोरोना के पीक पर पहुंचने का समय भी थोड़ा अलग हो सकता है लेकिन पूरे देश में जिस तरह से कोरोना के आंकड़े बढ़ रहे हैं उसे देखें तो कोराना की लहर या तो पीक पर है या इसके बेहद बेदह करीब है।
प्रोफेसर विद्यासागर की जानकारी सही है तो यह देश के लिए बड़ी राहत की बात साबित हो सकती है। दरअसल देश में कोरोना की दूसरी लहर काफी खतरनाक साबित हुई है। कोरोना के मरीजों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि अस्पतालों में न तो बेड हैं और न ही मरीजों को ऑक्सीजन की सप्लाई हो पा रही है।
उन्होने कोरोना की स्थिति को समझने के लिए औसतन सात दिन के समय में कोरोना की स्थिति को देखने की जरूरत है। हर दिन कोरोना के आंकड़े घटते बढ़ते रहते हैं। नतीजतन, हमें सिर्फ रॉ नंबर्स नहीं देखने चाहिए, बल्कि प्रतिदिन के मामलों के औसत पर भी गौर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने कोरोना के आंकड़ों पर जितना काम किया है उसे देखते हुए कह सकता हूं कि सप्ताह के अंत में इनमें गिरावट आने लगेगी।
आपको बता दें कि उनके द्वारा कोरोना की दूसरी लहर महाराष्ट्र से शुरू हुई थी। ऐसे में कोरोना का पीक भी वहीं सबसे पहले आएगा और मरीजों की संख्या भी यहीं सबसे पहले कम होना शुरू होगी। महाराष्ट्र के साथ लगे राज्यों की स्थिति भी ऐसी ही होगी क्योंकि महाराष्ट्र के कारण यहां पर कोरोना के आंकड़े ज्यादा होंगे। जो राज्य महाराष्ट्र से दूर होंगे वो बहुत धीरे-धीरे पीक पर आएंगे और उनका डिक्लाइन भी स्लो होगा। मई के बाद किसी भी राज्य में कोरोना के पीक पर होने की संभावना नहीं है।
पिछले 24 घंटे में कोरोना की बात करें तो महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, बंगाल, राजस्थान और बिहार समेत देश के 12 राज्यों में एक लाख से ज्यादा सक्रिय मामले हैं। इनमें से चार राज्यों- महाराष्ट्र में 6.41 लाख, कर्नाटक में 4.87 लाख, केरल में 3.75 लाख और उत्तर प्रदेश में 2.62 लाख सक्रिय मामले हैं। अगर पूरे देश की बात करें तो इस समय सक्रिय मामलों की संख्या 35,58,002 हो गई है। 12 राज्यों में 81.25 फीसद एक्टिव केस हैं।