बैतूल (मध्य प्रदेश)। शहर के गणेश वार्ड में निर्माणाधीन पानी की टंकी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय स्तर पर पेयजल संकट की शिकायतों के बीच अब शिवसेना ने निर्माण कार्य में सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया है।
शिवसेना के प्रदेश सचिव विजेंद्र गोले का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान हेडपंप में मोटर लगाकर टंकी निर्माण के लिए पानी का उपयोग किया गया। इससे वार्डवासियों के लिए पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
वार्डवासियों का कहना है कि जिस हेडपंप से वे दैनिक जरूरतों का पानी प्राप्त करते थे, उसी स्रोत से लगातार पानी निकाले जाने के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी को वैकल्पिक जल व्यवस्था करनी चाहिए थी।

शिवसेना ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वार्डवासी और शिवसेना आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
मामले को लेकर शिकायत जिला प्रशासन तक पहुंचने की बात सामने आई है। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।