भोपाल: मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने प्रदेश में सामने आए अलग-अलग स्वास्थ्य और जनसुरक्षा से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अभय दुबे ने इंदौर के एमवाय अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत, कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से जुड़ी मौतों और बालाघाट में बच्चों की मौत के मामलों का हवाला दिया। उन्होंने सागर में जहरीली शराब से जुड़ी घटना का भी उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। बालाघाट में हाल के महीनों में बच्चों के बीमार होने और मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी एवं चिकित्सा व्यवस्था बढ़ाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सर्वे और उपचार की प्रक्रिया भी चल रही है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने इंदौर में कथित किडनी रैकेट और साइंस हाउस पैथोलॉजी से जुड़े मामले को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने संबंधित मामलों की जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग रखी।
अभय दुबे ने प्रदेश के 9 मेडिकल कॉलेजों को निजी हाथों में संचालन के लिए दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस ने पूछा कि ऐसी व्यवस्था लागू होने की स्थिति में गरीब मरीजों के मुफ्त इलाज और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से जुड़े प्रावधान किस तरह लागू होंगे।
कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मामलों और मेडिकल कॉलेजों के संचालन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार को स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े उठाए जा रहे सवालों पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए। वहीं, मध्य प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं संचालित होती हैं।