रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: योगी सरकार बनने से पहले उत्तर प्रदेश गुंडाराज,माफियाराज के लिए जाना जाता था। लेकिन साल 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनते ही उत्तर प्रदेश के लिए संबोधित किए जाने वाले शब्द गायब हो गये। सूबे की कमान संभालते ही सीएम योगी ने सभी को चेतावनी दे दी थी, कि गुंडे, अपराधी, माफिया, प्रदेश की बहन, बेटियों पर अत्याचार करने वाले या तो ये सब काम छोड़ दें, या फिर उत्तर प्रदेश छोड़ दें।

आपको बता दें कि योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने वाले हैं, अब उत्तर प्रदेश देश के दूसरे राज्यों के लिए मिशाल बन गया है। प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने की बात हो, अवैध कब्जे से मुक्ति की बात हो,बहन-बेटियों पर हो रहे अपराध की बात हो, रोजगार देने की बात हो, या फिर वैश्विक महामारी कोरोना के प्रबंधन की बात हो योगी सरकार हर क्षेत्र में सफलतापूर्वक कार्य कर दूसरे राज्यों के लिए मिशाल बन गई है।
आपको बता दें कि कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाले संसदीय समिति ने योगी सरकार की तारीफ की है। गृह मंत्रालय की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ हिंसा से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तारीफ की गई है। इसके साथ ही समिति ने प्रदेश के विभिन्न विभागों को जोड़ने और राज्य सरकार की ओर से हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए एकल खिड़की प्रणाली के निर्माण जैसी पहल की सराहना की।
इसके साथ ही समिति ने अन्य राज्यों को भी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के बीच इस तरह का तालमेल और समन्वय स्थापित करने की सिफारिश की है। अपनी रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की सराहना करते हुए, आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने कहा कि “समिति विभिन्न विभागों को जोड़ने और राज्य सरकार द्वारा हिंसा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए एकल-खिड़की प्रणाली के निर्माण जैसी पहल की सराहना करती है”। इसलिए समिति सिफारिश करती है कि अन्य राज्यों को भी महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागों के बीच इस तरह का तालमेल और समन्वय स्थापित करना चाहिए।

कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा की अध्यक्षता वाली रिपोर्ट से स्पष्ट कहा गया है कि उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल कायम की है। राज्य ने हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की है। ‘इन वन स्टॉप सेंटरों’ से अब तक लगभग 1 लाख 4 हजार 859 महिलाएं लाभान्वित हो चुकी हैं। कांग्रेस सांसद ने रिपोर्ट में उल्लेख किया कि अन्य राज्यों को भी यूपी के इस मॉडल का पालन करना चाहिए। ये केंद्र मूल रूप से पांच सेवाओं के साथ हिंसा से प्रभावित महिलाओं को पांच सेवाएं प्रदान करते हैं। पुलिस सहायता, चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय।
योगी सरकार ने महिलाओं को सभी प्रकार के अपराधों से बचाने के लिए उचित कदम उठाए हैं। इसके साथ ही अपराधियों को सख्त सजा भी सुनिश्चित की है ताकि संभावित अपराधी अपने तरीके से सुधार करें। इस दृष्टिकोण के परिणाम सामने आए और यह सुनिश्चित किया कि यूपी महिलाओं के खिलाफ बलात्कार और अन्य जघन्य अपराधों को नियंत्रित करने में अग्रणी रहा।
जबकि योगी सरकार भू-माफियाओं की भी कमर तोड़ दी है। सूबे में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद जैसे भू-माफियओं के अवैध मकानों को ढहा दिया गया। इसके साथ सूबे में लगभग 5 हजार करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई है। वहीं सूबे के कई अपराधी मुठभेड़ में मारे गये। योगी सरकार के इसी सफलता का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश दूसरे राज्यों के लिए मिशाल बनकर उभरा है।