मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने बयानों और रवैये के लिए उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से माफी मांगनी चाहिए। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार आस्था और परंपराओं का अपमान करती रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बहुत कम समय में वह काम कर दिखाए हैं, जो कांग्रेस 55 वर्षों से अधिक के शासन में भी नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में ठोस और दिखाई देने वाले परिणाम सामने आए हैं।
सीएम ने कहा कि यूरोपीय यूनियन से हुआ समझौता किसानों के हित में है और इससे कृषि क्षेत्र को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की हर नीति का केंद्र किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भावांतर योजना के माध्यम से सोयाबीन किसानों को 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है। इससे किसानों को फसल के उचित दाम मिले और बाजार में अस्थिरता का असर कम हुआ।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार फसल विविधीकरण को तेजी से प्रोत्साहित कर रही है। उड़द जैसी दलहनी फसलों पर बोनस दिया जा रहा है, सरसों का रकबा बढ़ाया गया है और दलहन उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि को अधिक टिकाऊ बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार हर कठिन समय में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एग्रो एक्सपर्ट के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, ताकि मध्यप्रदेश कृषि नवाचार और उत्पादन का अग्रणी केंद्र बन सके।