मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में साइबर पंजीयन कार्यालय के शुभारंभ के पश्चात अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार डिजिटल गवर्नेंस और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में लगातार नए और प्रभावी नवाचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले ‘संपदा-1’ योजना के माध्यम से नामांकन, बंटवारा और राजस्व पंजीयन जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल किया गया था। अब ‘संपदा-2’ सॉफ्टवेयर के जरिए राजस्व रिकॉर्ड को लगभग पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इससे पारंपरिक और जटिल प्रक्रियाओं में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ‘संपदा-2’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मध्य प्रदेश सरकार को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पदक (Gold Medal) से सम्मानित किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश के अन्य राज्य भी मध्य प्रदेश के इस डिजिटल मॉडल को अपनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि नए साइबर पंजीयन सिस्टम के तहत 75 प्रकार की सेवाएं जोड़ी गई हैं। इनमें- पावर ऑफ अटॉर्नी, बैंक लोन से संबंधित दस्तावेज, शपथ पत्र, विभिन्न सरकारी योजनाओं के दस्तावेजों का पंजीयन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं, जो अब एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब हाउसिंग बोर्ड और विभिन्न विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों के लेनदेन के लिए नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। लोग अपने घर बैठे पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से साइबर पंजीयन करा सकेंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस प्रणाली का अब तक लगभग 14 लाख पंजीयन के साथ सफल परीक्षण किया जा चुका है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए अब इसे प्रदेश के सभी 55 जिलों में लागू किया जा रहा है, जिससे हर नागरिक को समान डिजिटल सुविधा मिल सके।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर पंजीयन प्रणाली अत्यंत सुरक्षित, समय की बचत करने वाली और पूरी तरह पारदर्शी है। यह व्यवस्था न केवल भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की संभावना को कम करती है, बल्कि स्वच्छ और पेपरलेस प्रशासन को भी बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल नवाचारों के माध्यम से मध्य प्रदेश सुशासन और तकनीकी प्रगति की दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और साइबर पंजीयन कार्यालय इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।