नई दिल्ली में गुरुवार को डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों, नवाचारों, आगामी कार्ययोजनाओं और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी प्रधानमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित NTPC Limited के सुपर थर्मल पावर स्टेशन के क्षमता विस्तार परियोजना के भूमि-पूजन के लिए प्रधानमंत्री मोदी को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 1600 मेगावॉट (स्टेज-II, 2×800 मेगावॉट) क्षमता विस्तार की स्वीकृति दी गई है। लगभग 20,446 करोड़ रुपये लागत की यह परियोजना वर्ष 2029-30 तक पूर्ण की जाएगी। यह परियोजना अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर आधारित है, जिसमें एयर कूल्ड कंडेंसर तकनीक के उपयोग से पानी की खपत पारंपरिक प्रणालियों की तुलना में लगभग एक-तिहाई कम होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि मार्च 2026 तक नक्सल समस्या के खात्मे के निर्धारित लक्ष्य को मध्यप्रदेश ने समय से पहले हासिल कर लिया है। अब न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ (MMC) जोन में भी कोई सक्रिय सशस्त्र नक्सली शेष नहीं है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 10 सशस्त्र नक्सलियों को ढेर किया गया, जिन पर 1.46 करोड़ रुपये का इनाम था, जबकि 13 नक्सलियों ने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 100 अति संवेदनशील गांवों के लिए माइक्रो डेवलपमेंट प्लान तैयार कर त्वरित विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया कि वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य को साकार करना है। जनवरी 2026 से नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के लिए विस्तृत कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसमें 16 से अधिक विभागों की सहभागिता रहेगी। इस दौरान प्राकृतिक व जैविक खेती को बढ़ावा, फूड पार्क और फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना, कृषि उद्योगों को सब्सिडी, किसानों की भागीदारी बढ़ाने और अगले तीन वर्षों में 30 लाख सोलर पंप लगाने जैसे संकल्पों पर कार्य किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री को ‘अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट’ की उपलब्धियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को ग्वालियर में आयोजित इस समिट के माध्यम से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का मार्ग प्रशस्त हुआ। समिट के दौरान 5,810 करोड़ रुपये की औद्योगिक और सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 725 करोड़ रुपये की निवेश प्रोत्साहन राशि का सिंगल क्लिक से वितरण किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) और सांची दुग्ध संघ के बीच सहकारिता अनुबंध के बाद दुग्ध खरीद मूल्यों में 2.50 से 8.50 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि हुई है। प्रदेश में 1,394 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं और 661 निष्क्रिय समितियों को पुनः सक्रिय किया गया है। वर्तमान में दुग्ध संकलन 12 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। सरकार का लक्ष्य इसे 50 लाख किलोग्राम प्रतिदिन तक ले जाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश, केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में उद्योग, कृषि, ऊर्जा, सुरक्षा और सहकारिता के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप आगे बढ़ रही है।