मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन में आयोजित एक निशुल्क योग शिविर में भाग लिया। यह शिविर नागझिरी चौराहा स्थित होमगार्ड मैदान में आयोजित किया गया। जिसमें योग ऋषि स्वामी रामदेव के शिष्य डॉ. स्वामी परमार्थ देव महाराज ने योगाभ्यास कराया।
योगाभ्यास के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति प्राप्त करने का एक मार्ग है। उन्होंने कहा, “योग मनोयोग से किया जाता है, न कि सहयोग से। यह हमारे जीवन की दिशा को बदलने की क्षमता रखता है।”
मुख्यमंत्री ने उज्जैन के निवासियों को कहा कि वे भाग्यशाली हैं, क्योंकि वे भगवान श्री महाकाल और श्री कृष्ण की शिक्षा स्थली में निवास करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य देह का संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने भारतीय योग की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए बाबा रामदेव की सराहना की, जिन्होंने योग को न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध किया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 21 जून को योग दिवस और 21 दिसंबर को ध्यान दिवस मनाए जाएंगे। ये तिथियाँ उत्तरायण और दक्षिणायन के दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखती हैं।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश और उज्जैन का निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि योग से न केवल शारीरिक कष्ट दूर होते हैं, बल्कि यह कुविचारों और कुरीतियों को भी समाप्त करता है।
इस दौरान, होमगार्ड के कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने मुख्यमंत्री से सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए होमगार्ड के लिए नई भर्ती और नए स्थान की आवश्यकता की मांग की। मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने होमगार्ड जवानों के उत्कृष्ट सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि न्यूनतम साधनों के बावजूद वे शानदार काम कर रहे हैं। सभी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
This Post is written by Abhijeet Kumar yadav