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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का शुभारंभ करने के बाद मीडिया से किया संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला का शुभारंभ किया। वाहनों पर 50% आरटीओ टैक्स छूट से व्यापार और राज्य राजस्व को मिलेगा बढ़ावा।

By: Abhinav Tiwari 
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का शुभारंभ करने के बाद मीडिया से किया संवाद

डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में आयोजित ‘उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर की तर्ज पर अब बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में भी भव्य व्यापार मेला आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य स्थानीय व्यापार को सशक्त बनाना, राजस्व बढ़ाना और नगर निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है।

वाहनों की खरीद पर 50% पंजीकरण शुल्क में छूट

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सरकार द्वारा व्यापार और व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए आरटीओ (RTO) पंजीकरण शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। यह छूट उज्जैन और ग्वालियर-दोनों स्थानों पर लागू है। उन्होंने कहा कि इस मेले में टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर, सिक्स-व्हीलर से लेकर बड़े ट्रालों तक सभी प्रकार के वाहन उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिकों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिल रहा है।

राजस्व में निरंतर हो रही वृद्धि

मुख्यमंत्री ने व्यापार मेले के सकारात्मक आर्थिक प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इससे राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि-

  • वर्ष 2024 में 50% टैक्स छूट के बावजूद राज्य सरकार को लगभग ₹137 करोड़ की आय हुई।

  • दूसरी बार यह राजस्व बढ़कर ₹187 करोड़ तक पहुंच गया।

  • स्थानीय स्तर पर नगर निगम को प्लॉट विक्रय से अब तक का रिकॉर्ड ₹4 करोड़ 10 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि यह आंकड़े प्रदेश की बढ़ती आर्थिक मजबूती और व्यापारिक गतिविधियों में निरंतर विस्तार को दर्शाते हैं।

उज्जैन (अवंतिका) की ऐतिहासिक व्यापारिक पहचान को नया स्वरूप

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल व्यापार बढ़ाना ही नहीं, बल्कि स्थानीय संस्थाओं और नगर निगमों को स्वावलंबी बनाना भी है। उन्होंने बताया कि उज्जैन, प्राचीन अवंतिका, हजारों वर्षों से व्यापार, व्यवसाय, धर्म और शिक्षा का प्रमुख केंद्र रही है। इस व्यापार मेले के माध्यम से उसी ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक स्वरूप में पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है।

व्यापार मेले की सफलता के लिए शुभकामनाएं

अंत में मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला की सफलता के लिए आयोजकों, व्यापारियों और नागरिकों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह आयोजन आने वाले समय में उज्जैन को प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा।

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