नई दिल्ली : मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को 7 वें वेतन आयोग के तहत दीपावली के मौके पर 28 फीसदी महंगाई भत्ते और राहत के बाद नॉन-प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (एडहॉक बोनस) देने की घोषणा की है। मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को बोनस के रूप में 30 दिनों का वेतन देने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) के भुगतान की गणना की सीमा 1 अप्रैल 2014 से संशोधित रूप में 7000 रुपये की मासिक परिलब्धियां होगी।
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, साल 2020-21 के लिए मोदी सरकार ने 30 दिनों के परिलब्धियों के बराबर गैर-उत्पादकता से जुड़े बोनस (तदर्थ बोनस) के अनुदान को मंजूरी दे दी है। इसके तहत उत्पादकता लिंक्ड बोनस योजना के अंतर्गत ना आने वाले ग्रुप ‘C’ और ‘B’ के सभी अराजपत्रित कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और सशस्त्र बलों के पात्र कर्मचारियों को भी लाभ होगा। व्यय विभाग (DOE), वित्त मंत्रालय के आदेशानुसार, जो कर्मचारी 31 मार्च 2021 की सेवा में थे और वर्ष 2020-21 के दौरान कम से कम 6 महीने की सेवाओं में रहे उन्हें तदर्थ बोनस के भुगतान किया जाएगा।तदर्थ बोनस की मात्रा की गणना औसत परिलब्धियों और गणना की उच्चतम सीमा, जो भी कम हो, के आधार पर की जाएगी। उदाहरण के लिए, 7000, 30 दिनों के लिए तदर्थ बोनस 7000 × 30 / 30.4 = 6907.89 (कुल मिलाकर 6908 रुपये) होगा।
आकस्मिक श्रमिक, जिन्होंने 6 दिनों के सप्ताह के बाद कार्यालयों में 3 साल या उससे अधिक के लिए प्रत्येक वर्ष के लिए कम से कम 240 दिनों के लिए काम किया है, इस गैर-पीएलबी भुगतान के लिए पात्र होंगे। देय तदर्थ बोनस की राशि होगी (1200×30/30.4 रुपये = 1184.21 रुपये (राउंड फिगर में 1184 रुपये )। ऐसे मामलों में जहां वास्तविक परिलब्धियां 1200 रुपए प्रति माह से कम हो जाती हैं, राशि की गणना वास्तविक मासिक परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी।