उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वर्ष 2008-09 से बांड की व्यवस्था लागू की गई थी। जिसके तहत श्रीनगर, हल्द्वानी और देहरादून में एमबीबीएस की पढ़ाई महज पचास हजार रुपये सालाना की फीस पर करने की व्यवस्था की गई। जिसके चलते राज्यभर में करीब 1400 डॉक्टरों ने इस व्यवस्था का लाभ उठाया। लेकिन अब विड़म्बना यह है कि अब इनमे से 500 से अधिक डॉक्टरो ने पहाड़ पर सेवा देने
