भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने के मामले में कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर अपने प्रत्याशी के आपराधिक मामलों की जानकारी छुपाई, जिसके चलते निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान उनका नामांकन निरस्त किया गया।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्येक प्रत्याशी के लिए शपथ पत्र के साथ अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी देना अनिवार्य होता है। लेकिन कांग्रेस ने षड्यंत्रपूर्वक अपने प्रत्याशी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छुपाने का प्रयास किया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रिटर्निंग अधिकारी ने निष्पक्षता के साथ कार्य करते हुए नियमों के अनुसार निर्णय लिया और “दूध का दूध, पानी का पानी” कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि पूरी जानकारी सामने आने के बाद भी मीनाक्षी नटराजन चुनावी मैदान में बनी रहतीं, तो पूरी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पवित्रता प्रभावित होती।
डॉ. यादव ने कांग्रेस की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले से हार का डर था, क्योंकि पार्टी के अपने विधायक भी उसके साथ खड़े नजर नहीं आए। उन्होंने दावा किया कि 75 लोगों की फ्लाइट में कांग्रेस के केवल 18 विधायक ही शामिल हुए थे, जिससे पार्टी की आंतरिक स्थिति स्पष्ट हो जाती है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि हार से बचने के लिए कांग्रेस इस तरह के हथकंडे अपना रही है, लेकिन जनता सब देख रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस पूरे मामले पर आत्ममंथन करने की आवश्यकता है और मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोपरि है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया में तथ्यों को छुपाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस को इस घटना से सबक लेते हुए अपने संगठन और कार्यप्रणाली पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।