मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बंगड़ी बांध परियोजना को लेकर किसानों का आक्रोश निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सैकड़ों प्रभावित किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और दोगुना मुआवजा देने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के बाद वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं और मौजूदा मुआवजा उनकी वास्तविक क्षति की भरपाई नहीं कर पा रहा।
प्रदर्शन के दौरान किसान रवि कुमार ने कहा कि उनकी मांग पूरी तरह न्यायसंगत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो किसान परिवार सहित भोपाल की ओर पैदल मार्च करेंगे और मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर धरना देंगे। उनके मुताबिक यह संघर्ष केवल पैसों का नहीं, बल्कि सम्मान और भविष्य की सुरक्षा का है।
एक अन्य किसान नंदू ने आरोप लगाया कि हर्ष सिंह ने पहले उनकी मांगें सुनने और समाधान का आश्वासन दिया था। किसानों को चर्चा के लिए बुलाया भी गया, लेकिन तय समय पर मुलाकात नहीं होने से नाराजगी बढ़ गई। किसानों ने साफ कहा कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि संवाद के माध्यम से न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं।
प्रदर्शन के दौरान “दोगुना मुआवजा दो” और “किसानों के साथ न्याय करो” जैसे नारों से कलेक्टर कार्यालय परिसर गूंज उठा। किसानों ने चेताया कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक ले जाया जाएगा।
अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि बंगड़ी बांध परियोजना से प्रभावित किसानों को समय रहते न्याय मिलता है या आंदोलन और तेज होता है।