भाजपा के कुशासन से समाज का हर वर्ग बुरी तरह त्रस्त- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा के कुशासन से समाज का हर वर्ग बुरी तरह त्रस्त है। किसान अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं।
कृषि विरोधी कानूनों के जरिए किसान को अपनी खेती से बेदखल करने और पूंजी घरानों की मर्जी पर उसकी जिंदगी बंधक बनाने की साजिशों का देशव्यापी विरोध हो रहा है। किसान के साथ जनसामान्य भी तमाम परेशानियों से गुजर रहा है। भाजपा चारों तरफ भ्रम फैलाकर अपना स्वार्थ साधन करना चाहती है पर अब लोग उसमें फंसने वाले नहीं है।
भाजपा सरकार दिन में किसानों से बेनतीजा वार्ता करती है व रात में पूँजीपतियों से गुपचुप बातें कर किसानों के ख़िलाफ़ षडयंत्र रचती है। भाजपा सरकार वार्ता को लंबा खींचकर भी आंदोलन को कमज़ोर न कर पायेगी क्योंकि देश किसानों के साथ है।
किसानों को सता कर भाजपा सत्ता मे नहीं रह पाएगी।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 4, 2020
अखिलेश यादव ने कहा कि, आज यह स्थिति है कि कर्ज के बोझ तले दबकर किसान आत्महत्या कर रहा है। बांदा में गिरवा थाना क्षेत्र के बरई मानपुर गांव में कर्ज से बदहाल किसान गोविन्द ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
आजमगढ़ में क्रय केन्द्रों पर कभी बोरे की कमी तो कभी धान की उठान ना होने से किसान परेशान है। शासन-प्रशासन के न्यूनतम समर्थन मूल्य और डेढ़ गुना उत्पादन लागत दिलाने के दावे झूठे साबित हो रहे हैं।
डॉ. स्वामी नाथन की सिफारिशें भी लागू नहीं की गई। तथाकथित कृषि सुधारों के प्रति अविश्वास घर कर गया है। अब किसान अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान और जवाब चाहता है। लोकतंत्र में उनके साथ अलोकतांत्रिक व्यवहार क्यों किया जा रहा है? भाजपा सरकार किसानों से लम्बी वार्ता षडयंत्र के तहत कर रही है। लेकिन इससे वह आंदोलन को कमजोर नहीं कर पाएगी क्योंकि देश किसानों के साथ है।
पूर्व सीएम ने आगे कहा, भाजपा सरकार में पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस के दाम भी बड़ी तेल कम्पनियों की मनमर्जी से जब तब बढ़ा दिए जाते हैं। अभी रसोई गैस के दामों में 50 रूपए की वृद्धि हो गई है। यह गरीब जनता पर एक और आर्थिक अत्याचार है। अपनी तिजोरी भरने में लगी सरकार को गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वालों की चिंता नहीं। जब भाजपा सरकार मंहगाई कम नहीं कर सकती तो कम से कम बढ़ाए तो नहीं।