बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को अपनी केंद्रीय पदाधिकारियों के नामों का एलान किया। केंद्रीय इकाई के संगठन में नड्डा ने कई पुराने चेहरों को अलविदा कहा तो कई नए और युवा चहरों को जगह दी गई। बीजेपी में हुए इस बदलाव से पार्टी के अंदर की नाराजगी की आवाज उठने लगी है। राष्ट्रीय महासचिव पद से हटाए राहुल सिन्हा ने संगठन में हुए बदलाव को लेकर एक वीडियो संदेश के जरिए नाराजगी जाहिर की है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @JPNadda ने भाजपा केंद्रीय पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की। pic.twitter.com/oLGRoSmbPa
— BJP (@BJP4India) September 26, 2020
पंश्चिम बंगाल से आने वाले राहुल सिन्हा ने बांग्ला में बनाए इस वीडियो में कहा कि जिस पार्टी की 40 साल तक उन्होंने समर्पित भाव से सेवा की, उसका यह ‘पुरस्कार’ मिला है। राहुल सिन्हा ने कहा कि आगे के फैसले की घोषणा करने से पहले वे 10-12 इंतजार करेंगे।
संगठन में बदलाव पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल सिन्हा ने कहा, ”चालीस सालों से बीजेपी की सेवा की है और बीजेपी का एक सैनिक रहा हूँ। जन्म से बीजेपी की सेवा करना का यह पुरस्कार मिला है की तृणमूल का नेता आने पर मुझे हटा दिया है। इससे ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता है।”
उन्होंने आगे कहा, ”मैं इसके अलावा कुछ नहीं बोलूँगा। पार्टी ने जो पुरस्कार दिया है उसके पक्ष या विपक्ष में कुछ नहीं बोलूँगा। मुझे जो कहना है वो अगले 10-12 दिनों में कहूँगा.” माना जा रहा है कि तृणमूल नेता से उनका इशारा मुकुल रॉय की तरफ है।
— Rahul Sinha ● রাহুল সিনহা (@RahulSinhaBJP) September 26, 2020
नई टीम में आठ महासचिवों की सूची में भूपेंद्र यादव, अरूण सिंह और कैलाश विजयवर्गीय को बरकरार रखते हुए पांच नए चेहरों को जगह दी गई है. राम माधव, पी मुरलीधर राव, सरोज पांडे और अनिल जैन के स्थान पर नए चेहरों को शामिल किया गया है। दुष्यंत कुमार गौतम, डी. पुरंदरेश्वरी, सी टी रवि, तरूण चुग और दिलीप सैकिया नए महासचिव होंगे।