भोपाल। मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित अभियान पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस ने प्रदेशभर में स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने और पार्टी नेताओं के गांव-गांव जाकर शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है। इस पर भाजपा प्रवक्ता बृज गोपाल लोया ने कांग्रेस के संगठन और उसके अभियान की मंशा पर सवाल उठाए।
बृज गोपाल लोया ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों द्वारा अलग-अलग मुद्दों को लेकर अभियान चलाना सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कांग्रेस को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह ग्रामीण क्षेत्रों तक अपना अभियान किस संगठनात्मक ताकत के साथ पहुंचाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंचायत स्तर पर कांग्रेस का संगठन कमजोर हो चुका है और कई बूथों पर पार्टी के पास न तो एजेंट हैं और न ही बूथ अध्यक्ष।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस नेता गांवों का दौरा करेंगे तो उन्हें प्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे काम भी नजर आएंगे। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में संचालित सांदीपनि स्कूल, मॉडल स्कूल और उत्कृष्ट विद्यालयों का उल्लेख करते हुए सरकार की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का दावा किया।
लोया ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी से सकारात्मक राजनीति करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और शिक्षा के क्षेत्र में भी काम तेजी से किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस से प्रदेश की कमियां गिनाने के बजाय राज्य के विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर सहयोग करने की अपील की।
कांग्रेस के प्रस्तावित अभियान को लेकर लोया ने पार्टी की संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न पर्याप्त नेता हैं, न कार्यकर्ता और न ही स्पष्ट विजन। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि कांग्रेस का स्कूल शिक्षा अभियान फिलहाल जमीन पर उतरने के बजाय भोपाल में दिए जा रहे बयानों तक सीमित दिखाई देता है।
स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के अभियान के ऐलान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां स्कूलों की जमीनी स्थिति का आकलन करने की तैयारी में है, वहीं भाजपा सरकार के शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को सामने रखकर कांग्रेस के अभियान पर सवाल उठा रही है।