भोपाल। ‘वंदे मातरम’ को लेकर देश में चल रही राजनीतिक बहस के बीच मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देश की राष्ट्रीय पहचान से जुड़े विषय हैं और इनके सम्मान को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जयभान सिंह पवैया ने कहा कि जो लोग राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को स्वीकार करने से इनकार करते हैं, उनके लिए कानूनी प्रावधान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से राष्ट्रगीत का सम्मान करने की अपेक्षा जताते हुए उल्लंघन की स्थिति में सख्त कार्रवाई की पैरवी की।
पवैया ने अपने बयान में वर्ष 1931 के कांग्रेस अधिवेशन से जुड़े वंदे मातरम विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय गीत के मूल स्वरूप को लेकर समझौता किया गया था। पवैया के मुताबिक, लंबे समय से चले आ रहे इस विषय पर अब केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट इच्छाशक्ति दिखाई जा रही है।
भाजपा नेता ने वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर कांग्रेस की राजनीति राष्ट्रीय भावनाओं के अनुरूप नहीं है। पवैया ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों और उनसे जुड़ी भावनाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए।
जयभान सिंह पवैया के बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। उनके कानूनी कार्रवाई संबंधी सुझावों पर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नोट: खबर में शामिल राजनीतिक आरोप और दावे संबंधित नेता के बयान पर आधारित हैं। इनके स्वतंत्र सत्यापन का दावा नहीं किया गया है।