वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया ने राष्ट्रगीत के सम्मान को अनिवार्य बनाने और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 1931 के कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
वंदे मातरम को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भाजपा नेता जयभान सिंह पवैया ने राष्ट्रगीत के सम्मान को अनिवार्य बनाने और उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 1931 के कांग्रेस अधिवेशन का जिक्र करते हुए कांग्रेस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
‘वंदे मातरम्’ के छंदों को लेकर चल रही बहस में कंगना रनौत ने शर्मिला टैगोर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने गीत को साहित्यिक और स्वतंत्रता आंदोलन की भावना से जोड़ते हुए इसे केवल धार्मिक नजरिए से देखने पर सवाल उठाया और लोगों से धार्मिक विभाजन से ऊपर उठने की अपील की।
सासाराम में राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने वंदे मातरम विवाद को अनावश्यक बताते हुए कांग्रेस को विवाद से बचने की नसीहत दी। उन्होंने राष्ट्रीय गीत के सम्मान और संवैधानिक प्रावधानों का पालन करने पर जोर दिया।
सासाराम में ‘वंदे मातरम’ को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाते हुए मशाल जुलूस निकाला और अपना विरोध दर्ज कराया।
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद के मुद्दे पर पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा और मौजूदा सरकार की सख्त सुरक्षा नीति का उल्लेख किया। वहीं, ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े कथित विवाद पर उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए राहुल गांधी और सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।
हल्द्वानी हिंसा को लेकर BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गौरव बताया।