भोपाल। भारतीय जनता पार्टी में संगठनात्मक स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जिला अध्यक्षों और संभाग प्रभारियों की नियुक्ति के साथ आने वाले दिनों में मंडल और बूथ स्तर की समितियों को भी सक्रिय करने की तैयारी है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी प्रापंजय ने कहा कि पार्टी की बूथ स्तर तक मजबूत संगठनात्मक व्यवस्था पहले से मौजूद है और अब जिम्मेदारियों में बदलाव के जरिए संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जा रहा है।
अश्विनी प्रापंजय के मुताबिक, भाजपा का संगठन जमीनी स्तर तक कार्यकर्ताओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मंडल, बूथ और विभिन्न प्रकोष्ठों की समितियां नए उत्साह के साथ काम करती दिखाई देंगी। उन्होंने संगठन में होने वाले बदलाव को पार्टी की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि नई जिम्मेदारियों के साथ कार्यकर्ताओं की सक्रियता और बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
महिलाओं के लिए बजट और महंगाई को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं और कदम लागू किए हैं। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें बढ़ाई गई आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। उनके अनुसार, यह राशि महिलाओं को जरूरत के समय सीधे आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने में मदद करती है।
अश्विनी प्रापंजय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि गरीबी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर लंबे समय से राजनीतिक नारे लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों के माध्यम से सरकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। भाजपा नेता के मुताबिक, इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और पात्र लोगों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में पारदर्शिता बढ़ी है।
भाजपा की ओर से एक तरफ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर महिला कल्याण और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी योजनाओं को सरकार की उपलब्धियों के रूप में सामने रखा जा रहा है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक नियुक्तियों के बाद पार्टी की जमीनी गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।