पन्ना। अजयगढ़ में मझगांय डैम विस्थापितों के आंदोलन से जुड़े नौ आंदोलनकारियों को जमानत मिल गई है। मामले में कांग्रेस की ओर से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीश खान के निर्देश पर जिला उपाध्यक्ष एवं अधिवक्ता राकेश गर्ग ने आंदोलनकारियों की ओर से पैरवी करते हुए वकालतनामा प्रस्तुत किया।
तहसीलदार अजयगढ़ के न्यायालय में जमानत आवेदन पर सुनवाई के बाद सभी नौ आंदोलनकारियों को पांच शर्तों के साथ 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई। जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंदोलनकारियों की जेल से रिहाई होने की बात कही गई है।
जमानत प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी भरत मिलन ने भी सहयोग किया। उन्होंने अपना पट्टा लगाकर जमानत प्रक्रिया में सहभागिता की। भरत मिलन ने कहा कि वह क्षेत्र से प्रत्याशी रह चुके हैं और स्थानीय लोगों की समस्याओं को अपनी समस्या मानते हैं। इसी भावना के तहत उन्होंने आंदोलनकारियों की मदद की। इस दौरान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश यादव और अशोक सेन सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी से आंदोलनकारियों और उनके समर्थकों में राहत देखने को मिली।

जानकारी के अनुसार अमित भटनागर के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दौरान पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ धारा 170/126(2) और 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद आरोपित आंदोलनकारियों की जमानत के लिए तहसीलदार न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया।
जमानत पाने वालों में अमित भटनागर, सुखदेव, राकेश कोंदर, रामौतार कोंदर, महेश वंशकार, भगवानदास कोंदर, रामरतन पाल, गया प्रसाद कोंदर और अशोक द्विवेदी शामिल हैं। तहसीलदार न्यायालय से जमानत मिलने के बाद अब सभी नौ आंदोलनकारियों की रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।