पन्ना, मध्य प्रदेश। सेवा संकल्प अभियान के तहत पन्ना के पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान नगर मंडल अध्यक्ष कैलाश गुप्ता, महाविद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पन्ना के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और करियर के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिले में उच्च शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े। जिले में ही अधिक से अधिक विषयों की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
बृजेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पन्ना के पीएम एक्सीलेंस महाविद्यालय में विद्यार्थियों की जरूरत और करियर संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कई नए विषय शुरू किए गए हैं। इससे ऐसे विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर पढ़ाई का अवसर मिलेगा, जिन्हें पहले संबंधित विषयों के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के विस्तार से पन्ना के युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
विधायक ने पन्ना में कृषि महाविद्यालय की स्थापना को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण उन्होंने इसे स्थानीय विद्यार्थियों के लिए कृषि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा अवसर बताया। इसके अलावा खोरा में नवीन महाविद्यालय भी शुरू हो चुका है। इससे आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
पन्ना में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज को भी जिले के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए विधायक ने कहा कि इसके शुरू होने के बाद चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेडिकल कॉलेज से पन्ना के विद्यार्थियों को चिकित्सा की पढ़ाई के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। साथ ही आने वाले समय में जिले में चिकित्सकों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिल सकती है।

बृजेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों से उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषय चुनने के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास और उद्यमिता पर भी ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि बदलते समय में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के लिए व्यावहारिक कौशल भी जरूरी हैं।
दो दिवसीय कार्यशाला में उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ, स्टार्टअप प्रतिनिधि और उद्यमी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित करेंगे। इन सत्रों में करियर, रोजगार, स्वरोजगार, स्टार्टअप और उद्योगों की मौजूदा जरूरतों से संबंधित जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ विद्यार्थियों को भविष्य में उपलब्ध संभावनाओं और करियर विकल्पों को लेकर भी मार्गदर्शन देंगे।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को सिर्फ पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें वास्तविक उद्योग और रोजगार की आवश्यकताओं से परिचित कराना है। इसके जरिए छात्रों को अपने करियर को लेकर बेहतर निर्णय लेने और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी।