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बड़वानी: वार्डन बदलने से नाराज छात्राएं सड़क पर उतरीं, कलेक्टर कार्यालय जाने निकली रैली

बड़वानी में वार्डन बदले जाने से नाराज करीब 30 छात्राएं कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करने के लिए रैली के रूप में निकल पड़ीं। छात्राओं ने नई अधीक्षिका के व्यवहार के साथ छात्रावास में जगह, भोजन और सुविधाओं की कमी की शिकायत की। प्राचार्य अनिल मिश्रा ने उन्हें समझाकर वापस लौटाया और अधिकारियों से चर्चा के बाद दो दिन में समाधान का आश्वासन दिया।

By: Nivedita 
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बड़वानी: वार्डन बदलने से नाराज छात्राएं सड़क पर उतरीं, कलेक्टर कार्यालय जाने निकली रैली

बड़वानी।  जिले में छात्रावास की अधीक्षिका बदले जाने से नाराज करीब 30 छात्राएं मंगलवार सुबह कलेक्टर कार्यालय में शिकायत करने के लिए पैदल रैली के रूप में निकल पड़ीं। छात्राओं का कहना है कि उनकी पुरानी अधीक्षिका सरिता आर्य को हटाकर वंदना पटेल को नया प्रभार दिया गया है, जिसे लेकर वे असंतुष्ट हैं।

पुरानी अधीक्षिका को वापस लाने की मांग

कारंजा चौपाटी के पास कन्या शाला परिसर में संचालित जिला स्तरीय उत्कृष्ट कन्या छात्रावास में करीब 58 छात्राएं नामांकित हैं। छात्राओं के मुताबिक दो दिन पहले छात्रावास की अधीक्षिका सरिता आर्य को हटाकर वंदना पटेल को जिम्मेदारी दी गई। नई व्यवस्था से नाराज छात्राओं का एक समूह कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए छात्रावास से निकल पड़ा। करीब 30 छात्राएं रैली के रूप में आगे बढ़ीं, जबकि कुछ छात्राएं स्कूल चली गईं।

प्राचार्य ने छात्राओं को रास्ते में रोका

छात्राओं के कलेक्ट्रेट की ओर जाने की सूचना मिलने पर उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य अनिल मिश्रा मौके पर पहुंचे। बालिका पुलिस कंट्रोल रूम के पास उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्राचार्य ने सहायक आयुक्त से फोन पर चर्चा कर छात्राओं की समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद अधिकारियों की ओर से जल्द समाधान का आश्वासन मिलने पर छात्राएं वापस लौट गईं।

नई अधीक्षिका के व्यवहार पर सवाल

छात्राओं ने नई अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि बच्चों के साथ उनका व्यवहार उचित नहीं है। छात्राओं ने दावा किया कि वंदना पटेल को इससे पहले दूसरे छात्रावास से भी शिकायतों के बाद हटाया गया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। छात्राओं ने प्रशासन से पुरानी अधीक्षिका सरिता आर्य को ही वापस जिम्मेदारी देने की मांग की है।

छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायत

वार्डन के बदलाव के अलावा छात्राओं ने छात्रावास की भौतिक सुविधाओं को लेकर भी कई समस्याएं गिनाईं। उनका कहना है कि 58 छात्राओं के लिए भवन में केवल चार कमरे और एक हॉल है। छात्राओं के अनुसार पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी होती है। उन्होंने स्टडी हॉल और डाइनिंग टेबल की कमी के साथ एक बेड पर दो छात्राओं के सोने की समस्या भी बताई।

 

 

भोजन और सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल

छात्राओं ने भोजन व्यवस्था पर भी असंतोष जताया। उनका आरोप है कि उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समस्याओं से अवगत कराया जाता है, लेकिन शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

दो दिन में समाधान का आश्वासन

प्राचार्य अनिल मिश्रा ने बताया कि छात्राओं की शिकायत मुख्य रूप से अधीक्षिका बदले जाने और छात्रावास भवन में जगह की कमी से जुड़ी है। उन्होंने सहायक आयुक्त से बात कर मामले की जानकारी दी है। प्राचार्य के अनुसार छात्राओं की समस्याओं का यथासंभव जल्द समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि एक-दो दिन के भीतर उनकी शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के फैसले पर टिकी निगाहें

छात्राओं के विरोध और शिकायतों के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। छात्राएं जहां पुरानी अधीक्षिका को वापस लाने की मांग कर रही हैं, वहीं छात्रावास की क्षमता और भोजन समेत अन्य व्यवस्थाओं में सुधार की भी अपेक्षा कर रही हैं।

 

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