नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। आपको बता दें कि इस मुठभेड़ में दो आतंकियों के मारे जाने की खबर है, जिनकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। वहीं इस मुठभेड़ में दो जवान भी घायल हुए है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। फिलहाल ऑपरेशन जारी है।
सूत्रों ने बताया कि बांदीपोरा के सोकबाबा वन क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष सूचना मिलने पर बांदीपोरा पुलिस, सेना की 13 व 14 आरआर(राष्ट्रीय राइफल्स) और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान चलाया। घेरा सख्त होता देख आतंकियों ने फायरिंग शुरु कर दी।
इसके बाद जवानों ने मोर्चा संभाला। साथ ही आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका भी दिया, लेकिन आतंकी गोलियां बरसाते रहे। परिणामस्वरूप सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि इस मुठभेड़ में तीन जवान घायल हो गए हैं। एक अधिकारी ने आगे कहा कि आज सुबह जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध स्थान की ओर बढ़ रहे थे, छिपे हुए आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दीं जिससे मुठभेड़ शुरू हो गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। जैसे ही पुलिस और आर्मी के जवान संदिग्ध जगह पर पहुंचे, यहां छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सूत्रों का कहना है कि यहां मौजूद आतंकियों की संख्या की सटीक जानकारी नहीं है। हालांकि दोनों तरफ से फायरिंग जारी है।
सेना का एक जवान शहीद
उधर, जम्मू और कश्मीर के पूंछ जिले के मनकोटे सेक्टर में माइन ब्लास्ट के बाद सेना का एक जवान शहीद हो गया। यह घटना लाइन ऑफ कंट्रोल (Loc) के पास हुई है। जवान माइन ब्लास्ट में बुरी तरह से जख्मी हो गया था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद नजदीकी इलाके में तैनात सुरक्षाबलों की पूरी टुकड़ी मौके पर पहुंची है।
ड्रोन मार गिराया
इससे पहले शुक्रवार को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के सोपोर में रात भर चली मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर के कमांडर समेत दो आतंकियों को मार गिराया। इनके पास से दो एके 56 राइफल, चार मैगजीन, 136 कारतूस व दो बैग बरामद हुए हैं। दोनों आतंकी स्थानीय थे। वहीं अखनूर में सेना ने एक बड़े पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था। सुरक्षाबलों को इस ड्रोन के साथ पांच किलो IED भी मिला था। ड्रोन का वजन लगभग 17 किलो था। मिली जानकारी के मुताबिक इस ड्रोन के कुछ पार्ट चीन और कुछ ताइवान में बने हैं।
गुरुवार को मुठभेड़ में लश्कर कमांडर ढेर
जम्मू-कश्मीर पुलिस को वीरवार को सोपोर के वारपोरा में गुरुवार देर रात आतंकियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर सोपोर पुलिस, एसओजी और सेना की 22 राष्ट्रीय राइफल्स व सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया। घर-घर तलाशी के दौरान एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबलों ने कई बार आतंकियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया, लेकिन दहशतगर्द नहीं माने और जवानों पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में लश्कर कमांडर समेत दो आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों की शिनाख्त वारपोरा के फयाज अहमद वार उर्फ उमर और चेरपोरा बडगाम के शाहीन अहमद मीर उर्फ शाहीन मौलवी के तौर पर हुई है।
दोनों आतंकी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। फय्याज लश्कर का कमांडर था और उसका लंबा-चौड़ा आपराधिक रिकॉर्ड है। वो 2008 में आतंकवाद में शामिल हुआ था। हालांकि, उसने हथियार समेत सरेंडर भी किया था, लेकिन रिहा होने के बाद वो हिजबुल के साथ काम करने लगा और एक बार फिर से उसे पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया। मार्च 2020 में रिलीज होने के बाद वो लश्कर में शामिल हुआ।