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बड़ी खबर : बलूच आतंकवादियों ने उड़ाया पाकिस्तान के संस्थापक जिन्ना की मूर्ति, इस संगठन ने ली जिम्मेदारी

अशांत बलूचिस्तान प्रांत के तटीय शहर ग्वादर में एक बम हमले में बलूच आतंकवादियों ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एक प्रतिमा को नष्ट कर दिया है। डॉन की 27 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन्ना की जिस प्रतिमा को जून में मरीन ड्राइव में स्थापित किया गया था। जो सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद सुरक्षित जगह है। वहां बलूच आतंकियों ने 26 सितंबर रविवार की सुबह प्रतिमा के नीचे विस्फोटक रखकर उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में मूर्ति पूरी तरह से तहस-नहस हो गई है।

By Amit ranjan 
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रिपोर्ट: अनुष्का सिंह

नई दिल्ली: अशांत बलूचिस्तान प्रांत के तटीय शहर ग्वादर में एक बम हमले में बलूच आतंकवादियों ने पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की एक प्रतिमा को नष्ट कर दिया है। डॉन की 27 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन्ना की जिस प्रतिमा को जून में मरीन ड्राइव में स्थापित किया गया था। जो सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद सुरक्षित जगह है। वहां बलूच आतंकियों ने 26 सितंबर रविवार की सुबह प्रतिमा के नीचे विस्फोटक रखकर उड़ा दिया। बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में मूर्ति पूरी तरह से तहस-नहस हो गई है।

वही बीबीसी उर्दू ने ग्वादर के उपायुक्त मेजर (अब्दुल कबीर खान के हवाले से कहा है कि मामले की उच्चतम स्तर पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि विस्फोटक लगाकर जिन्ना की प्रतिमा को नष्ट करने वाले आतंकवादी पर्यटकों के रूप में क्षेत्र में प्रवेश किये थे। उनके मुताबिक अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन एक-दो दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि, ‘हम मामले को सभी कोणों से देख रहे हैं और जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा।’

वही बलूचिस्तान के पूर्व गृह मंत्री और मौजूदा सीनेटर सरफराज बुगती ने ट्वीट कर कहा कि ग्वादर में कायद-ए-आज़म की मूर्ति को गिराना पाकिस्तान की विचारधारा पर हमला है। मैं अधिकारियों से अपराधियों को उसी तरह से दंडित करने का अनुरोध करता हूं जैसे हमने ज़ियारत में कायद-ए-आज़म निवास पर हमले के लिए किया था”। आपको बता दें कि इस विस्फोट की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बलूच रिपब्लिकन आर्मी के प्रवक्ता बबगर बलूच ने ट्विटर पर ली है।

आपको बता दे कि ऐसा ही वाक्या आज से 8 साल पहले 2013 में हुआ था, जहाँ बलूच आतंकवादियों ने ज़ियारत में जिन्ना द्वारा इस्तेमाल की गई एक 121 साल पुरानी इमारत को विस्फोट कर दिया और उसे गोलियों से उड़ा दिया। जिससे आग लग गई, जो चार घंटे तक धधकती रही। फर्नीचर और यादगार वस्तुओं को नष्ट कर दिया। बता दें कि जिन्ना 1913 से लेकर 14 अगस्त 1947 को पाकिस्तान की स्थापना तक ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद 1948 में निधन होने तक वह पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल रहे। तपेदिक से पीड़ित होने के कारण जिन्ना ने अपने जीवन के अंतिम दिन वहीं बिताएं। बाद में इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया गया।

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