मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में अपर सत्र न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाया है। गुनौर में तैनात रहे तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला और चौकीदार देवीदयाल दहायत को 5-5 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा दी गई है।
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब सिली गांव के किसान ब्रजबिहारी प्रजापति का ट्रैक्टर ईंट बनाने की मिट्टी ले जाते समय रोक लिया गया था। आरोप है कि ट्रैक्टर छोड़ने के बदले उनसे 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
पीड़ित किसान ने मामले की शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से की थी। शिकायत के बाद तय योजना के तहत 10 हजार रुपये पहले दिए गए, जबकि शेष 25 हजार रुपये देने के दौरान लोकायुक्त टीम ने छापेमारी कर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। अदालत ने पूरे साक्ष्यों और लोकायुक्त जांच के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 5-5 साल की सजा सुनाई है। इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।