मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संविधान दिवस के अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश को मिली आज़ादी लाखों क्रांतिकारियों के त्याग का परिणाम है, लेकिन आज लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की पवित्रता को चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग भूल गए हैं, उन्हें याद दिलाना ज़रूरी है कि भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य है-और रहेगा।
पटवारी ने देश में बढ़ती आर्थिक खाई को “खतरे की घंटी” बताया। उन्होंने कहा कि देश की 80% आबादी गरीबी और संसाधनों की कमी से जूझ रही है, जबकि 20% लोगों के पास देश की 80% (कुछ आकलनों में 36%) संपत्ति सिमटती जा रही है। उनके अनुसार यह असमानता देश के सामाजिक संतुलन और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।
पटवारी ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसे “बीजेपी का एजेंट” बनाने की कोशिश हो रही है, जिससे ‘एक व्यक्ति-एक वोट’ के अधिकार पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी (नाम जोड़ना/काटना) एक गंभीर अपराध है, यदि कोई अधिकारी या बीएलओ (BLO) किसी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह काम करेगा, तो एफआईआर और जेल तक की कार्रवाई हो सकती है। पटवारी ने राहुल गांधी को वोट चोरी के विरुद्ध और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्षरत बताया।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश भारी कर्ज और कुप्रबंधन से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कलेक्टरों की पोस्टिंग पैसों से होती है, प्रशासन जनता के बजाय सत्तारूढ़ दल के लिए काम कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न त्रासदियों के बावजूद जिम्मेदार मंत्रियों से इस्तीफे नहीं लिए गए।
पटवारी ने प्रदेश में वायु और जल प्रदूषण की गंभीर स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे शहरों में 70% पानी पीने योग्य नहीं, जिससे किडनी और हृदय रोग बढ़ रहे हैं। उन्होंने पर्यावरणीय चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हज़ारों एकड़ जंगल कटान की अनुमति देना भविष्य के लिए खतरनाक है।
अंत में पटवारी ने कहा कि जहां भाजपा “डर और विभाजन” की राजनीति करती है, वहीं कांग्रेस “सुकून और भाईचारे” की बात करती है। उन्होंने संविधान दिवस पर संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती, और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।